माया व पड़ोसी मुन्नालाल की प्रेम कहानी की चर्चा पूरे गांव में थी। परिवार के लोगों को मुन्ना से रिश्ता मंजूर न था। लेकिन माया की जिद की वजह से वे हार चुके थे। पांच साल के दौरान पांच जगह रिश्ता तय हुआ। हर बार माया ने ठुकरा दिया। नतीजा यह रहा कि माया की हत्या कर दी गई।
जवई गांव निवासी मुन्ना व माया के बीच प्रेम संबंध काफी दिनों से था। स्वाजतीय होने के बाद भी माया के घरवाले शादी के लिए तैयार नहीं थे। पूरा परिवार बेहद परेशान था। घरवालों को बाहर निकलने में भी शर्मिंदगी हो रही थी। इसी वजह से योजनाबद्ध तरीके से वारदात को अंजाम दिया गया।
मुन्ना ने बताया कि बात करने के लिए उसने माया को फोन खरीद कर दिया था। घटना वाली शाम पिता व दादा बाइक में उसे बैठाकर ले गए। बताया था कि बाहर कहीं मुन्ना से कोर्ट मैरिज करवा देंगे। माया ने यह बात मुन्ना से बताई तो वह उसके फोन का इंतजार करता रहा।
रात भर उसने फोन लगाया, लेकिन हर बार फोन स्विच ऑफ बता रहा था। सुबह लालापुर पुलिस को जब माया का मोबाइल फोन मिला तो उसने ऑन किया। मोबाइल फोन ऑन करते ही पहली कॉल मुन्ना की ही आई। शव मिलने के बाद मुन्ना ने लालापुर पुलिस से घटनाक्रम की जानकारी दी। फिर पिपरी कोतवाली पुलिस के सहयोग से आरोपी पकड़े गए हैं।
प्रयागराज के लालापुर कोतवाली पुलिस ने पिपरी कोतवाली के जवई गांव की किशोरी की हत्या की जानकारी दी थी। इस पर हत्यारोपी मृतका के पिता मूलचंद्र व उसके दादा हरिश्चंद्र को पकड़कर प्रयागराज पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है।
- बृजेश कुमार श्रीवास्तव, एसपी कौशाम्बी