Setu Nigam raised hands due to construction of bridge at Mahila Ghat
- फोटो : KAUSHAMBI
यमुना नदी के महिला घाट पर प्रस्तावित पुल का निर्माण सेतु निगम ने बीच में ही छोड़ दिया है। शेष निर्माण के लिए विभाग ने एक नामचीन कंपनी के नाम डेंटर भी स्वीकृत कर दिया है। टेंडर स्वीकृत होते ही विभाग ने अपना सामान भी समेटना शुरू कर दिया है। हालांकि, विभाग के जिम्मेदार इसे लेकर सीधे तौर पर कुछ भी कहने से बच रहे हैं।
सपा शासनकाल में यमुना नदी के महिला घाट पर 107 करोड़ की लागत से पुल स्वीकृत किया गया था। काम शुरू होने के कुछ दिन बाद ही सूबे में सत्ता परिवर्तन हो गया। इसी के साथ ही बजट आवंटन में अड़ंगा लग गया। धनराशि के अभाव में पुल निर्माण ठप हो गया।
तीन महीने पहले डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या ने इस परियोजना पर शीघ्र ही काम शुरू कराने का निर्देश सेतु निगम को दिया। कार्यदायी संस्था ने दोबारा 116 करोड़ का प्रोजेक्ट बनाकर शासन को भेज दिया। साथ ही सेतु निगम ने महिला घाट पर काम भी शुरू कर दिया।
लेकिन, तकनीकी कारणों से इस प्रोजेक्ट को लेकर बजट की समस्या का हल नहीं निकला। शासन ने रिवाइज प्रोजेक्ट को ठंडे बस्ते में डाल दिया। इसी कारण सेतु निगम ने काम करने से हाथ खड़े कर दिए। सूत्रों की मानें तो महिला घाट पर ब्रिज का काम पूरा कराने के लिए अब एक नामचीन कंपनी को टेंडर दे दिया गया है।
एक माह पूर्व टेंडर प्रक्रिया शुरू होने के बाद से सेतु निगम ने अपना सामान समेटना शुरू कर दिया है। हालांकि, इस पर विभाग के अफसर खामोश हैं। सामान समेटने के बारे में कहा जा रहा है कि अनावश्यक मशीनें हटाकर दूसरी साइट पर भेजी जा रही हैं। सेतु निगम के प्रोजेक्ट मैनेजर एसपी बांगली का कहना है कि ब्रिज निर्माण का काम अब भी मऊ की तरफ से चल रहा है। उन्होंने स्वीकार किया कि एक माह पहले से टेंडर की प्रक्रिया चल रही है।