सदर कोतवाली क्षेत्र के कोर्रो गांव स्थित एक जमीन पर कब्जे को लेकर हुए विवाद ने तूल पकड़ लिया। मामले में मंझनपुर नगर पंचायत के पूर्व चेयरमैन नरेश चंद्र केसरवानी समेत उनके परिवार के पांच लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी व छेड़खानी का केस दर्ज कराया गया है।
कोखराज कोतवाली क्षेत्र के मलाक रेजमा गांव निवासी लल्लू प्रसाद ने अदालत मेें प्रार्थना पत्र में देकर बताया कि उसकी पत्नी ने 28 जनवरी 2008 को कोर्रो गांव की एक आराजी क्रय की थी। जमीन पर एक कच्चा कमरा भी बना था।
आरोप है कि इस जमीन पर मंझनपुर के पूर्व चेयरमैन अवैध तरीके से कब्जा करना चाहते हैं। इसे लेकर पहले भी कई बार उसे धमकी दी गई। 12 अक्तूबर 2020 को वह अपनी जमीन पर निर्माण करा रहा था, तभी नरेश चंद्र व उसका भाई प्रेमचंद्र परिवार के राहुल उर्फ रवि, सुशील कुमार और राजेश कुमार के साथ असलहों से लैस होकर पहुंचे।
गालीगलौज के बाद मारपीट की गई। पत्नी बीचबचाव के लिए पहुंची तो उसके साथ अश्लील हरकत की गई। पत्नी का जिला अस्पताल में मेडिकल भी कराया गया। मामले की शिकायत के बाद भी पुलिस ने रिपोर्ट नहीं दर्ज की। कोर्ट ने 28 अक्तूबर को घटना की रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना करने का आदेश दिया है।
इस बाबत इंस्पेक्टर मंझनपुर मनीष पांडेय का कहना है मामला पेशबंदी है। पूर्व चेयरमैन व उनके परिवार वालों के खिलाफ कोर्ट के आदेश से धोखाधड़ी, छेड़खानी सहित 13 धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। प्रकरण की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।