दो दिन पहले सील किया गया था अस्पताल
महिला के मौत का मामला उजागर होने के बाद बुधवार को जब स्वास्थ्य विभाग की टीम सील अस्पताल की जांच करने पहुंची तो वहां ओपीडी से आईपीडी तक 16 मरीज मिले।सील अस्पताल के दोबारा संचालन मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उसे दोबारा सील कर दिया। लेकिन अस्पताल के संचालक व कथित डाक्टर निसार अहमद की मनमानी नहीं रुक रही थी।दो बार सील की कार्रवाई होने के बावजूद वह अस्पताल में मरीजों का इलाज कर रहा था।शिकायत मिलने पर शनिवार रात 11 बजे चायल एसडीएम योगेश कुमार गौड़ हमराही होमगार्ड प्रभु नारायण शुक्ल के साथ अस्पताल की जांच करने गये थे।
होमगार्ड प्रभु नारायण ने बताया कि अस्पताल पहुंचने पर कथित डाक्टर निसार अहमद तीन चार मरीजों को भर्ती कर उनका इलाज कर रहा था। अस्पताल में मरीज मिलने पर एसडीएम महोदय ने उन्हें फोटो और वीडियो बनाने को कहा। एसडीएम के निर्देश पर जब वह भर्ती मरीजों का इलाज करते हुए वीडियो बनाने लगे तो आरोप है कि कथित डाक्टर निसार और उसके चार पांच साथियों ने एसडीएम महोदय व उनके साथ बदसलूकी करना शुरू कर दिया।
आरोप है कि उनका हाथ मरोड़कर आरोपियों ने एसडीएम का सरकारी मोबाइल तोड़ दिया और मौके से भागने लगे। मामले की सूचना एसडीएम योगेश कुमार गौड़ ने तुरंत ही पुलिस को दिया। सूचना मिलने के बाद अस्पताल पहुंची पिपरी पुलिस ने कथित डाक्टर निसार और उसके पांच स्टाफ को गिरफ्तार कर लिया। मामले में पुलिस ने एसडीएम चायल के हमराही होमगार्ड चरवा के प्रभु नारायण शुक्ल की तहरीर पर डाक्टर निसार और उसके अज्ञात साथियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मामले की छानबीन करना शुरू कर दिया है।
सील अस्पताल में मरीजों को भर्ती कर उनके इलाज किये जाने की सूचना पर शनिवार रात एसडीएम चायल अपने हमराही होमगार्ड्स के साथ जांच करने गये थे। वहां अस्पताल के संचालक और उनके स्टाफ द्वारा एसडीएम और उनके हमराहियों से बदसलूकी की गई। शिकायत पर आरोपी अस्पताल संचालक और कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत किया गया है। मामले में संचालक समेत कुल छ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। - मनोज रघुवंशी, सीओ चायल।