तहसील के बिलासपुर गांव में मंगलवार सुबह डीजल डालकर अलाव जलाने के दौरान आरा मशीन के कारखाने में आग लग गई। आग की जद में आने से कारखाने के अंदर रखी लकड़ियों समेत करीब दो लाख का सामान जल गया। आग बुझाने के चक्कर में एक मजदूर गंभीर रूप से झुलस गया। उसे इलाज के लिए प्रयागराज के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
एयरपोर्ट कोतवाली के इंगुआ उर्फ काठगांव निवासी रामकरन उर्फ कन्ना मजदूरी करते हैं। वह बिलासपुर में एक व्यक्ति के घर की रखवाली करते हैं। मंगलवार सुबह वह अपने घर काठगांव के लिए निकले थे। रास्ते में ठंड लगने पर पूरामुफ्ती के मंदर गांव निवासी अतीक अहमद की आरा मशीन की रखवाली कर रहे छेदी लाल से अलाव जलाने की गुजारिश की। इसके बाद दोनों लकड़ी इकट्ठा कर अलाव जलाने लगे। इसी बीच एक ने इंजन से डीजल निकाल कर आग जलाने की कोशिश की। अलाव जलाने के दौरान छप्पर में आग लग गई।
छप्पर से आग की लपटें कारखाने में रखी लकड़ियों तक पहुंच गईं। दोनों ने आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसी दौरान रामकरन आग में झुलस गया। शोर सुनकर आसपास के लोग पहुंचे और आग बुझाने का प्रयास किया। लेकिन तब तक लकड़ी, इंजन और मशीनों समेत करीब दो लाख रुपये का सामान जलकर राख हो चुका था। परिजनों ने झुलसे रामकरन को प्रयागराज के झलवा स्थित निजी अस्पताल में भर्ती करा दिया है।