सर्पदंश की तैयारी को लेकर डॉक्टरों के बैठक कर दिशा निर्देश देते मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य। स्रो
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बरसात के मौसम में सर्पदंश की बढ़ती आशंका को देखते हुए स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय कौशाम्बी (एएसएमसी) ने विशेष तैयारियां पूरी कर ली हैं।
मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में एंटी स्नेक वेनम की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित कर दी गई है। साथ ही चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों को निर्देश दिए गए हैं कि सर्पदंश के प्रत्येक संदिग्ध मरीज का बिना किसी विलंब के उपचार शुरू किया जाए।
महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. (डॉ.) हरिओम कुमार सिंह ने बताया कि बारिश के दौरान खेतों, बागों और जलभराव वाले क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों में सर्पदंश का खतरा अधिक रहता है। ऐसे में मरीज को झाड़-फूंक या घरेलू उपचार में समय गंवाने के बजाय तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल या मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में पहुंचाना चाहिए। उन्होंने बताया कि अस्पताल में 24 घंटे प्रशिक्षित चिकित्सक, एंटी स्नेक वेनम, ऑक्सीजन, वेंटिलेटर समेत सभी जीवनरक्षक सुविधाएं निशुल्क उपलब्ध हैं।
उन्होंने लोगों से खेतों में जूते पहनकर जाने, रात में टॉर्च का उपयोग करने और घर के आसपास साफ-सफाई रखने की अपील की। सर्पदंश होने पर मरीज को शांत रखें, प्रभावित अंग को स्थिर रखें और तत्काल 108 एम्बुलेंस या अन्य साधन से अस्पताल पहुंचाएं। घाव पर चीरा लगाने, रस्सी बांधने या झाड़-फूंक कराने जैसी गलतियों से बचने की सलाह दी गई है।