यहां से दोनों भाई शनिवार सुबह बाइक से फतेहपुर की तरफ जा रहे थे। जैसे दोनों लोग सैनी कोतवाली के पास पहुंचे तभी कंटेनर ने बाइक में टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही दोनों भाई कंटेनर के पहिये के नीचे आ गए। दोनों भाइयों की मौके पर ही मौत हो गई।
तीन भाइयों का था संयुक्त परिवार
सड़क हादसे का शिकार हुए ताराचंद्र और सुभाष तीन भाई थे। सबसे बड़े भाई का नाम शीतला प्रसाद है। वह भी परिवार के साथ प्रयागराज में रहते हैं। ताराचंद्र के दोनों बेटे दिल्ली में प्राइवेट नौकरी करते हैं। दोनों बेटियों की शादी हो चुकी है। सुभाष के संतान नहीं थी। इसी वजह से दोनों भाई सुभाष का ख्याल रखते थे। सुभाष गांव में खेती किसानी करते थे। शनिवार सुबह भी ताराचंद्र गृहस्थी का ही कुछ सामान खरीदने के लिए सुभाष के साथ जा रहे थे। तभी दोनों भाइयों की मौत हो गई।