RC will be issued to 141 traders of the district
जिले के 141 व्यापारियों ने यदि दो सितंबर तक बकाया जमा नहीं किया तो उनके घर पर तहसील से आरसी पहुंचेगी। फरवरी में शुरू हुई ब्याज माफी योजना के तहत व्यापारियों ने बकाया जमा करने की सुध नहीं ली है। इन व्यापारियों पर वाणिज्य कर का करीब 89.84 करोड़ रुपये का बकाया है। अब वाणिज्य कर विभाग के अधिकारी इन बकाएदारों से सख्ती से निपटने की तैयारी कर रहे हैं।
वाणिज्य कर विभाग का जिले के व्यापारियों पर लाखों रुपये का बकाया है। सरकार ने व्यापारियों को राहत देने व बकाया वसूल करने के लिए फरवरी माह में ब्याज माफी योजना की शुरुआत की थी। योजना में मूलधन पर पूर्ण ब्याज माफी का प्रावधान हैं।
इसके लिए वाणिज्यकर विभाग द्वारा व्यापार मंडल, कर अधिवक्ता संघ के अलावा अन्य संसाधनों के जरिए व्यापारियों से बकाया जमा करने की अपील की जा रही है। इसके बाद भी जिले के 141 व्यापारी बकाया जमा करने में रुचि नहीं ले रहे हैं। अब ब्याज माफी योजना में चंद दिन रह गए हैं। यदि इन व्यापारियों ने दो सितंबर तक बकाया जमा नहीं किया तो इनको तहसील के माध्यम से आरसी भेजी जाएगी।
इससे व्यापारियों पर 10 प्रतिशत अतिरिक्त बोझ और बढ़ जाएगा। इस मामले में वाणिज्य कर विभाग के डिप्टी कमिश्नर प्रशासन अभिषेक कुमार शाह का कहना है कि जिले के 141 व्यापारियों पर करीब 89.84 करोड़ रुपये का बकाया है। दो सितंबर तक बकाया जमा कर ब्याज माफी का लाभ लें, अन्यथा दो सितंबर के बाद बकायेदारों की आरसी निकाली जाएगी।
छह माह में सिर्फ 55 व्यापारियों ने जमा किया बकाया
फरवरी से संचालित ब्याज माफी योजना के तहत छह माह के दौरान सिर्फ 55 व्यापारियों ने ही बकाया जमा किया है। इन पर विभाग का 54.69 करोड़ रुपये बकाया था। सभी ने अपना बकाया जमा कर करीब 15.84 लाख रुपये लाभ लिया है।