गंवई सियासत को लेकर हुई शिकायत पर दूसरे ब्लॉकों में स्थानांतरित हुए पंचायत सचिव नए ब्लॉक में ज्वॉइन नहीं कर रहे हैं। वह अपना तबादला रुकवाने के लिए माननीयों की परिक्रमा कर रहे हैं। दूसरे ब्लॉकों के लिए स्थानांतरित हुए पंचायत सचिवों के ज्वॉइन नहीं करने से गांवों के विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। शुक्रवार को प्रभावित गांवों के ग्राम प्रधानों ने सीडीओ से मुलाकात कर नए पंचायत सचिव की तैनाती की मांग की। जिले के सभी आठ विकास खंडों में तैनात पंचायत सचिवों की उनके गांवों के ग्राम प्रधानों ने शिकायत कर स्थानांतरित करने की मांग की थी। गंवई सियासत में मशगूल पंचायत सचिवों की शिकायत मिलने पर सीडीओ शशिकांत त्रिपाठी ने जिले के बीस सचिव (ग्राम पंचायत एवं ग्राम विकास अधिकारी के दस-दस) का अंतरजनपदीय तबादला कर दिया था।
लेकिन पखवाड़े भर पहले हुए स्थानांतरण के बावजूद अभी तक किसी पंचायत सचिव ने नए ब्लॉक में ज्वॉइन नहीं किया है। सचिवों के नए ब्लॉक में ज्वॉइन नहीं करने से गांवों के विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। इसे लेकर ग्राम प्रधानों ने शुक्रवार को सीडीओ शशिकांत त्रिपाठी से मुलाकात की। ग्राम प्रधानों ने आरोप लगाया कि स्थानांतरित हुए सेक्रेटरी न तो ब्लॉक छोड़ रहे हैं और न ही गांव का कोई काम कर रहे हैं। चायल ब्लॉक के हरदुआ ग्राम प्रधान, मूरतगंज के बलकरनपुर, पकसराई और नेवादा के पुरखास, बसुहार आदि गांवों के प्रधानों ने गांवों में नए सेक्रेटरी तैनात करने की मांग की।
कोटिया में आठ माह से पंचायत सचिव की तैनाती नहीं, विकास कार्य ठप
नेवादा विकास खंड के कोटिया गांव में तैनात पंचायत सचिव शशांक सिंह को आठ महीना पहले वित्तीय अनियमितता के चलते निलंबित कर दिया गया था। तब से गांव में अभी तक किसी भी नए पंचायत सचिव को तैनात नहीं किया गया है। पंचायत चुनाव के बाद अब गांव में नई सरकार का गठन हुआ है। गांव के लोग विकास की बाट जोह रहे हैं। लेकिन पंचायत सचिव नहीं होने के कारण विकास कार्य पूरी तरह से ठप है। खंड विकास अधिकारी विजय शंकर तिवारी ने बताया कि प्रशासनिक कार्यों के लिए अखिलेश सिंह को लगाया गया है। वित्तीय अनियमितता के चलते आरोपी सेक्रेटरी की जांच चल रही है। जांच पूरी होने के बाद जल्द ही नए सेक्रेटरी को तैनात कर दिया जाएगा।