अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/त्वरित न्यायालय प्रथम विष्णु देव सिंह की अदालत ने युवती से दुष्कर्म के दोषी को 10 वर्ष की कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही साढ़े दस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
सैनी कोतवाली इलाके की एक 30 वर्षीय युवती मानसिक रोगी है। इस वजह से उसकी शादी भी नहीं हुई थी। दिसंबर 2015 में परिजनों ने देखा तो उसका पेट भारी लगा। पहले तो परिवार वालों ने इसे बीमारी समझा। बाद में 25 दिसंबर 2015 को मां व भाई युवती को लेकर प्रयागराज के एक अस्पताल में ले जाकर चेकअप कराया।
जांच के बाद चिकित्सक ने बताया कि युवती के पेट में आठ महीने का गर्भ है। पीड़िता के भाई ने पुलिस को बताया कि उसकी बहन ने इशारे में जानकारी दिया कि संभुई गांव निवासी बोड़ा पासी ने झील के किनारे ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया है। पीड़ित भाई की तहरीर पर 26 दिसंबर 2015 को नामजद मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किया।
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/त्वरित न्यायालय प्रथम की अदालत में प्रकरण की सुनवाई हुई। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद शुक्रवार को अदालत ने फैसला सुना दिया। अदालत ने फैसले में यह भी कहा कि जुर्माने की राशि नहीं जमा करने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।