प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि में अब फर्जीवाड़ा नहीं हो सकेगा। सरकार पीएम किसान सम्मान निधि का लाभ ले रहे किसानों का बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण (ई-केवाईसी) करा रही है। शासन के निर्देश पर जिलाधिकारी व कृषि उपनिदेशक ने इस संबंध में आवश्यक निर्देश जारी किया है। मार्च के अंतिम सप्ताह तक पत्र किसानों को ई-केवाईसी कराना होगा। ई-केवाईसी नहीं कराने वाले किसानों को योजना से वंचित कर दिया जाएगा।
किसानों को आर्थिक संकट से राहत दिलाने के लिए केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना लागू की है। इस योजना के तहत किसानों को प्रति वर्ष छह हजार दिया जा रहा है। जिले के 2,11,796 लाख किसानों को प्रधानमंत्री सम्मान निधि का लाभ मिल रहा है। योजना में फर्जीवाड़ा करके कई अपात्रों ने चयन करा लिया है। इसके अलावा तमाम मृतकों को खाते में भी धनराशि जा रही है। इस संबंध में शासन व कृषि उपनिदेशक के पास शिकायतें पहुंची।
जिसके बाद योजना में पारदर्शिता लाने के लिए शासन ने किसानों को ई-केवाईसी कराने का निर्देश दिया है। कृषि उपनिदेशक डॉ. उदय भान गौतम ने बताया कि पीएम किसान सम्मान निधि योजना का लाभ ले रहे किसान अपने नजदीकी सजन सेवा केंद्र पहुंच कर 31 मार्च से पहले ई-केवाईसी करा लें। इसके लिए थंब (अंगूठे का निशान) लगाना होगा। जो किसान ई-केवाईसी नहीं कराएंगे, उन्हें अप्रैल माह में 11 वी किस्त नहीं मिलेगी। इसके जिम्मेदार वह खुद होंगे।
3670 अपात्र ले रहे थे योजना का लाभ
केंद्र सरकार द्वारा किसानों को आर्थिक मुश्किलों से राहत देने के लिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना चलाई जा रही है। इस योजना के तहत मौजूदा समय में जिले के दो लाख से अधिक किसानों को योजना का लाभ मिल रहा है। लेकिन पूर्व में शिकायत हुई कि भूमिहीन, सरकारी कर्मचारी व सेवानिवृत्त पेंशन धारक भी सम्मान निधि कल आप पा रहे हैं। जांच के दौरान छह माह पूर्व हुई जांच में 3670 अपात्र लोग योजना का लाभ लेते पाए गए। जांच के दौरान गड़बड़ी का खुलासा होने पर शासन ने अब किसानों किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ नियमित लेने के लिए ई-केवाईसी कराना होगा।
किसानों के मोबाइल पर भेजा जा रहा मैसेज
कृषि उपनिदेशक डॉ उदय भान गौतम ने बताया कि जनपद के जिन किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ मिल रहा है। वह अपने नजदीकी सहज जन सेवा केंद्र पहुंचकर के ई- केवाईसी करा ले। जिससे अप्रैल माह में उन्हें 11वी किस्त दी जा सके। इस संबंध में 88970 किसानों के मोबाइल पर मैसेज भी भेजा जा चुका है। जो किसान ई - केवाईसी नहीं कराएंगे उन्हें योजना से वंचित कर दिया जाएगा।