Now Nirbhaya will give feedback of criminals
दुष्कर्म, छेड़खानी और महिला अपराध कारित करने वाले अपराधियों की मुश्किल फिर बढ़ सकती है। घटना के बाद जमानत पर जेल से छूटने पर भी अगर वह फिर भी अपनी हरकत से बाज नहीं आ रहे तो पुलिस उनकी खबर लेगी। बस, उसके खिलाफ पीड़ित महिला को शिकायत दर्ज करानी होगी। जांच में शिकायत सही मिली तो आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
मिशन शक्ति के तहत सरकार पिछले तीन साल के दौरान उन अपराधियों का ब्योरा जुटा रही है जो जमानत पर छूटे हैं। खासकर यह देखा जा रहा है कि जमानत पर छूटने के बाद समाज में उनका चाल-चलन कैसा है। इसके अलावा यह भी देखा जाएगा कि जेल से बाहर आने के बाद उनका बर्ताव पीड़िता के साथ कैसा है। मिशन शक्ति के तहत गांव में नियुक्त की गई महिला पुलिस कर्मी पीड़ित महिला से अपराधी के बाबत फीडबैक लेगी।
अगर किसी पीड़िता ने बताया कि अपराधी जेल से छूटने के बाद उसे मुकदमे में सुलह करने की धमकी दे रहा है या फिर किसी अन्य तरह से प्रताड़ित कर रहा है तो इसकी सूचना रजिस्टर में दर्ज कर जांच किया जाएगा। जांच के बाद अगर आरोप सच साबित हुए तो आरोपी को खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
धमकी की शिकार होती हैं पीड़िताएं
गांव के रसूखदार घटना को अंजाम देने के बाद पहले से दबाव बनाकर रिपोर्ट दर्ज करने से बचते रहते हैं। किसी तरह से रिपोर्ट भी दर्ज हो गई तो वह साक्ष्य के अभाव में कोर्ट से बच निकलते हैं। इसके बाद गांव आकर वह लोग पीड़ित महिला को धमकी या फिर छीटाकशी करते रहते हैं। पीड़ित घुटघुट कर जीती है। लेकिन कहीं शिकायत नहीं कर पाती।
छेड़खानी या दुष्कर्म आदि के मामले में जमानत पर छूटने के बाद अपराधी गांव में आकर पीड़िता पर तरह-तरह की फब्तियां कसता है। पीड़ित परिवार को मुकदमे में सुलह के लिए धमकी भी दिए जाने के मामले सामने आते हैं। इसे लेकर सरकार की मंशा है कि पीड़िता को पूरी तरह से सुरक्षा प्रदान की जाए। इसी मकसद से यह पहल की जा रही है। -समर बहादुर, एएसपी