गर्भवती व प्रसूताओं के लिए संचालित प्रधानमंत्री मातृ वंदन योजना में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। प्रोत्साहन राशि प्राप्त करने के लिए जिन महिलाओं के नाम से आवेदन हुए, उन्हें पता ही नहीं। 4059 आवेदनों की जांच में सिर्फ 250 ही सही पाए गए हैं।
मातृ वंदना योजना का संचालन मार्च 2024 तक स्वास्थ्य विभाग ने किया था। आशा व एएनएम के माध्यम से लाभार्थियों को चिह्नित कर पहले बच्चे के जन्म पर मां को तीन हजार व टीकाकरण पूरा होने पर दो हजार रुपये देने का नियम है। दूसरी बार में बालिका का जन्म होने पर मां को एकमुश्त 6,000 रुपये दिए जाते हैं।
शासन की ओर से अप्रैल 2024 में यह योजना स्वास्थ्य विभाग से महिला कल्याण एवं बाल विकास पुष्टाहार विभाग को हस्तांतरित कर दी गई। जिस वक्त योजना हस्तांतरित की गई, उस दौरान जिले भर में 5230 आवेदन लंबित थे। स्वास्थ्य विभाग से जिम्मेदारी हटने के बाद आशा व एएनएम ने योजना के तहत काम करना बंद कर दिया। अब आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सुपरवाइजर, सीडीपीओ आवेदनों की जांच कर रहे हैं।
प्रभारी डीपीओ रेनू वर्मा ने बताया कि अब तक 4059 आवेदनों की जांच की जा चुकी है। इनमें से सिर्फ 250 आवेदन सही पाए गए हैं, जिन्हें योजना से लाभान्वित करा दिया गया है। 3800 के करीब आवेदन फर्जी मिले हैं। पते गलत दिए गए हैं। आवेदन में दिए मोबाइल नंबरों पर बातचीत में पता चला कि जिससे बात हो रही उसके बच्चे बड़े-बड़ें हैं और उसने इस तरह का कोई आवेदन ही नहीं किया है। संवाद
-
केस एक
नेवादा ब्लाॅक के उमरवल गांव में रंजू देवी के नाम से लाभ लेने के लिए आवेदन किया गया है, आवेदन में दर्ज मोबाइल नंबर पर जब बातचीत की गई तो पता चला राजस्थान के प्रवीन कुमार बोल रहे हैं। बातचीत में उन्होंने बताया कि उन्होंने ऐसा कोई आवेदन किया ही नहीं। उनके बच्चे भी बड़े बड़े हैं।
-
केस दो
उमरवल गांव की नजानी खातून के नाम से हुए आवेदन में दर्ज मोबाइल नंबर पर बात कि गई तो पता चला वह बिहार के रहने वाले इमाज बोल रहे हैं। जब ग्राम प्रधान पिंकी सरोज से नजानी खातून के बारे में जानकारी ली गई तो उन्होंने बताया कि उनके गांव में एक भी मुस्लिम परिवार नहीं रहता।
केस तीन
अमिरसा गांव की दीपा कुमारी के नाम से हुए आवेदन की पड़ताल में पता चला कि वह आंध्रप्रदेश से थाक्केरा रमेश सी बोल रही हैं। बातचीत में उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मातृ वंदन योजना के बारे में उन्हें जानकारी ही नहीं तो फिर आवेदन कैसा।
केस चार
अमरायन गांव की कौशल्या देवी के नाम से हुए आवेदन में दर्ज मोबाइल नंबर पर बातचीत में पता चला कि वह हरियाणा से कोई पुरुष बोल रहे हैं। हालांकि, उन्होंने किसी भी तरह की बातचीत करने से ही इन्कार कर दिया।
वर्जन
मातृ वंदन योजना के जो भी आवेदन फर्जी मिले हैं, बाल विकास विभाग उसकी रिपोर्ट दे। मामले की जांच कराकर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- डाॅ. संजय कुमार, सीएमओ