बसपा का गढ़ माने जाने वाले कौशाम्बी में भी विरोध के स्वर फूटने लगे हैं। कभी बसपा सरकार में कद्दावर की हैसियत रखने वाले पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व राज्य मंत्री मतेशचंद्र सोनकर ने भी विद्रोह की राह पकड़ ली है। रविवार को अपने सैनी स्थिति आवास पर बुलाई गई बैठक में उन्होंने बसपा सुप्रीमो पर गंभीर आरोप लगाए। कहा, बसपा दौलत वालों की पार्टी है। पैसे लेकर टिकट दिए जा रहेे हैं। सिराथू सीट से भी पार्टी सुप्रीमो ने स्थानीय कार्यकर्ताओं की भावना के विपरीत बाहरी प्रत्याशी थोप दिया है।
बसपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व राज्य मंत्री मतेश चंद्र सोनकर ने कहा कि बसपा अब मिशन से भटक दौलत मंदों की पार्टी बनकर रह गई है। पार्टी कार्यकर्ता दिन रात मेहनत करता है। इसका लाभ पहले पार्टी कार्यकर्ताओं को मिलता था। पर, आज के हालात बद से बदतर हो गए हैं। पैसे वाले मुंह मांगी रकम फेंक टिकट हासिल कर लेते हैं। इससे पार्टी के लिए खून-पसीना बहाने वाला कार्यकर्ता स्वयं को ठगा सा महसूस करता है। कहा कि सिराथू सीट से इलाहाबाद के करैली निवासी सईदुर रब को टिकट दिया गया है। हर सीट पर टिकट बेचा जा रहा है।
पूर्व मंत्री ने बैठक में मौजूद अपने सर्मथकोें से सवाल किया।
उनकी क्या राय है, क्या ऐसे दल में बने रहना चाहिए, जहां कार्यकर्ताओें का सम्मान ही खत्म हो गया हो। भीड़ से आवाज आई कि नहीं। हम सब बसपा को करारा सबक सिखाने के लिए अपनी अलग राह चुनेंगे। बैठक में बाहरी भगाओ, स्थानीय सशक्त प्रत्याशी जिताओ का भी नारा बुलंद किया गया। बैठक में फरीदगंज के प्रधान जगदीश मौर्या, अशोक कुमार समेत तमाम समर्थक मौजूद रहे।