लेखपाल भर्ती के परिणाम पर मेधावियों को भरोसा नहीं हो रहा है। ओबीसी के अभ्यर्थी को लिखित परीक्षा परिणाम में हाई मेरिट के चलते सामान्य श्रेणी में साक्षात्कार के लिए बुलाया गया था लेकिन साक्षात्कार के बाद अभ्यर्थी को ओबीसी की श्रेणी में भी सफलता नहीं मिल सकी। जबकि ओबीसी में साक्षात्कार के लिए बुलाए गए अभ्यर्थी को नियुक्ति मिल गई है। परिणाम को देख के साक्षात्कार के टॉपरों में असमंजस की स्थिति है।
दोआबा में लेखपाल के 58 पदों के लिए हजारों की संख्या में अभ्यर्थियों ने लिखित परीक्षा दी थी। संपन्न हुई लिखित परीक्षा का परिणाम आया तो मेधावियों का उत्साह देखते बन रहा था। जिला प्रशासन की चयन समिति ने हाई मेरिट वाले 194 अभ्यर्थियों को 24, 25, 26, 27 फरवरी को साक्षात्कार के लिए बुलाया गया था। खास बात यह रही कि ओबीसी और एससी के जिन मेधावियों की मेरिट हाई थी उनका साक्षात्कार अनारक्षित श्रेणी में लिया गया।
यहां तक को ठीक था लेकिन साक्षात्कार के अंक जोड़कर जब इनकी मेरिट बनाई गई तो इन्हें अपनी कैटेगरी में भी स्थान नहीं मिल सका। बानगी के तौर ओबीसी अभ्यर्थी अजय कुमार सिंह पुत्र सुरेश सिंह को लिया जा सकता है। ओबीसी का यह छात्र इंटरव्यू में अनारक्षित श्रेणी में बुलाया गया था। मगर 20 नंबर के इंटरव्यू में इसकी मेरिट इतनी घट गई कि ओबीसी में भी जगह नहीं पा सका और परिणाम आने पर सफलता से कोसाें दूर हो गया। ऐसे में परिणाम आने के बाद मेधावियों के बीच चयन समिति के प्रति सवालिया निशान खड़े होना लाजिमी है।
सभी अभ्यर्थियों के परीक्षा और इंटरव्यू के अंक डिस्ट्रिक्ट एनआईसी की वेबसाइट पर अपलोड करा दिए गए हैं। किसी को किसी प्रकार की आशंका है तो वह नेट पर देख सकता है। चयन में कहीं भी गड़बड़ी की कोई आशंका तक नहीं है।
अखंड प्रताप सिंह, डीएम
(अध्यक्ष चयन समिति)