भूमि न मिलने के कारण परियोजनाएं रेंगती रहीं। यही वजह रही कि अभी तक केवल 50 फीसदी काम हो पाया है। महीनों चली मान मनौव्वल के बाद सफलता न मिलने पर निगम ने पिछले साल नवंबर में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी थी, जो अब लगभग पूरी हो चुकी है। भूमि अधिग्रहण के लिए मुआवजे के करीब तीन करोड़ रुपये भूमि अध्याप्ति विभाग को दिए जा चुके हैं। सिर्फ भूमि पर कब्जा मिलना बाकी है।
यह भी जल्द मिल जाएगा। इसके बाद तीनों परियोजनाओं के काम को रफ्तार मिलेगी।
रेलवे ओवर ब्रिज के लिए चिह्नित और मिली भूमि
परियोजना - चिह्नित भूमि - मिली भूमि - काश्तकार - बैनामा करने वाले कातश्कार
सैयदसरावां - 1.3 हेक्टेयर - 0.24 हेक्टेयर - 112 - 30
अजुहा - 0.53 हेक्टेयर - 2.28 हेक्टेयर - 82 - 40
सुजातपुर - 0.29 हेक्टेयर - 0.16 हेक्टेयर - 33 - 18
तीनों पुल बनने से आवागमन में होगी सहूलियत
सुजातपुर निवासी चंद्रमोहन और अरविंद सिंह ने बताया कि मंझनपुर से टेंगाई होते हुए जीटी रोड आने वाले राहगीरों को सुजातपुर में रेलवे क्राॅसिंग के जाम से जूझना पड़ता है। पुल बनने से समस्या दूर हो जाएगी। अजुहा के शिवम अग्रहरि और सुनील केसरवानी ने बताया कि अजुहा का निर्माणाधीन पुल बना तो शाखा होते हुए फतेहपुर जाना आसान होगा। सैयद सरावां निवासी मनोज त्रिवेदी और अनिल केसरवानी का कहना है कि सैयद सरावां में ओवर ब्रिज बनने से जीटी रोड से काजू, चरवा, मनौरी समेत करीब 40 गांवों के लोगों को आवागमन में सहूलियत होगी।
भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी हो गई है। जल्द ही भूमि पर कब्जा मिल जाएगा। इसके बाद परियोजनाओं को रफ्तार मिलेगी। निर्धारित समय के अंदर ही काम पूरा कर लिया जाएगा। -रोहित मिश्रा, एई, सेतु निगम