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काैशाम्बी : तीसरे विधानसभा चुनाव में ढह गया था कांग्रेस का किला

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विधानसभा के तीसरे आम चुनाव में सिराथू सीट से कांग्रेस के कद्दावर नेता हेमवती नंदन बहुगुणा दूसरी बार किस्मत आजमाने उतरे। इस वक्त तक दोआबा की सियासत रोचक होने के साथ ही करवट ले चुकी थी। यहां जातीय समीकरण और ध्रुवीकरण ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया था। चुनाव में एकजुट हुए विपक्ष की ओर से कांग्रेस को कड़ी चुनौती मिली। हालांकि तमाम विपरीत परिस्थितियों के बावजूद हेमवती नंदन बहुगुणा अपनी सीट बरकार रख पार्टी की लाज बचाने में कामयाब रहे।
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आजादी के दस साल बाद ही कांग्रेस के जादू का असर जनता में हल्का पड़ने लगा। तीसरे आम चुनाव में कांग्रेस को अपना गढ़ बचाने के लिए विपक्ष से कड़ी चुनौती मिली। कांग्रेस ने सिराथू सीट से मौजूदा विधायक हेमवती नंदन बहुगुणा को मैदान में उतारा।
जबकि आरईपी से शंभूदयाल चौरसिया, पीएसपी से फूललाल मैदान में उतरे। निर्दल प्रत्याशियों में जगत नारायण और जमीन कासिम भी किस्मत आजमाने उतरे। इस चुनाव में कांग्रेस के खिलाफ बयार बह रही थी। पार्टी का किला ढहने की आशंका से कांग्रेस नेताओं के चेहरे पर हवाइयां उड़ रही थीं। लेकिन विपरीत माहौल में सियासत के पक्के खिलाड़ी रहे बहुगुणा ने रात-दिन एक कर दिया।
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उन्हें निर्दल प्रत्याशी जगत नारायण से कड़ी चुनौती मिली। चुनाव में क्षेत्र के 76,939 वोटरों में से 31,739 ने ही अपने मताधिकार का प्रयोग किया। कांग्रेस प्रत्याशी बहुगुणा ने 11,771 मत पाकर अपने निकटम प्रतिद्वंदी जगत नारायण को 4871 मतों से पराजित किया। जगत नारायण को 6892 वोट पाकर संतोष करना पड़ा। इसी तरह आरईपी प्रत्याशी शंभू दयाल को 3845, पीएसपी के फूललाल को 1880 वोट मिले। जबकि निर्दलीय जमीर कासिम 5586 मत पाकर तीसरे स्थान पर रहे।
चायल में दूसरे नंबर पर रही कांग्रेस, पीएसपी के नौनिहाल सिंह बने थे विधायक
मंझनपुर। विधानसभा चायल क्षेत्र से कांग्रेस ने कमला कुमारी को मैदान में उतारा था। जबकि पीएसपी से नौनिहाल सिंह चौधरी, जेएस से शंकर लाल और निर्दल प्रत्याशी के रूप में शिवनाथ प्रसाद ने नामांकन कर मुकाबले को रोमांचक बना दिया।
चुनव में पीएसपी प्रत्याशी नौनिहाल सिंह ने 17,508 मत हासिल कर जीत का डंका बजाया। जबकि कांग्रेस प्रत्याशी कमला कुमारी गोंडी 12,922 मत पाकर दूसरे स्थान पर रहीं। तीसरे स्थान पर रहे जनसंघ प्रत्याशी शंकर लाल को महज 2025 मतों से संतोष करना पड़ा। वहीं, निर्दल प्रत्याशी शिवनाथ प्रसाद को सिर्फ 765 मत ही मिले। इस चुनाव में विधानसभा क्षेत्र के कुल 79,127 वोटरों में से 34,658 ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया था। 1438 वोट तकनीकी कारणों से निरस्त हो गए थे।
भरवारी सीट से निर्दल गोकुल प्रसाद ने दर्ज की थी जीत
भरवारी (एससी) सीट पर हुए पहले विधानसभा चुनाव में केवल तीन प्रत्याशी ही मैदान में उतरे थे। यहां कांग्रेस के कल्यान चंद्र व पीएसपी से रामचंद्र व निर्दल गोकुल प्रसाद ने चुनाव को बेहद रोचक बना दिया था। कांग्रेस के दिग्गजों ने सीट निकालने के लिए रात-दिन एक कर दिया। इसके बाद भी जनता का मन नहीं बदल सके। चुनाव में क्षेत्र के 83,558 मतदाताओं में से 30,962 ने ही मताधिकार का प्रयोग किया। निर्दल प्रत्याशी गोकुल प्रसाद 14,504 वोट हासिल कर कांग्रेस के कल्यान चंद्र को 4336 मतों से शिकस्त देने में कामयाब हो गए। कांग्रेस प्रत्याशी 10,168 व पीएसपी के रामचंद्र 4501 मत पाकर क्रमश: दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे।
ने करारी सीट से खोला था जनसंघ का खाता
करारी (सुरक्षित) सीट पर पहली बार हुए विधानसभा चुनाव में पांच प्रत्याशी मैदान में उतरे। शुरुआत से जनसंघ प्रत्याशी नाथूराम माहौल बनाने में कामयाब रहे। हालांकि कांग्रेस प्रत्याशी डॉ. जवाहर लाल ने भी पूरी ताकत लगा रखी थी। इसके बावजूद वह जनता का विश्वास जीतने में कामयाब नहीं हो सके। इस चुनाव में क्षेत्र के 77,614 में से 24,354 मतदाताओं ने वोट डाला।
इसमें से 8796 वोट हासिल कर जनसंघ प्रत्याशी नाथूराम चुनाव जीत गए। कांग्रेस प्रत्याशी 8632 मत पाकर सिर्फ 164 वोट से चुनाव हार गए। मामूली मतों में मिली शिकस्त से कांग्रेसी खेमे में सन्नाटा छा गया। इसी तरह पीएसपी प्रत्याशी राम दुलारे को 2527 मत, आरईपी प्रत्याशी डॉ. काशीराम को 1927 और निर्दलीय कमलेश्वर प्रसाद को सिर्फ 1161 वोट से संतोष्मा करना पड़ा था। कुल पड़े 24,353 मतों में से 23,043 मत ही वैध पाए गए थे। जबकि 1310 वोट अवैध घोषित कर दिए गए थे।
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