क्षेत्र के ओढ़रियापुर कछुवा निवासी मां-बेटे की मदद को पांच साल बाद समाजसेवियों ने हाथ बढ़ाया। मुफलिसी का जीवन जी रही वृद्ध मां व बीमार बेटे की मदद के लिए इलाके के समाजसेवी शुक्रवार को पहुंचे। उन्होंने खाद्यान्न, गर्म कपड़े व नगदी से सहायता की तो दोनों में जिंदगी की उम्मीद दिखने लगी।
ओढ़रियापुर कछुवा निवासी रामदुलारी (80) पत्नी मोतीलाल पांच साल से बीमार बेटे लालजी के साथ इधर-उधर भटकते हुए किसी तरह जीवन यापन कर रही थी। छह दिन से दोनों अलीपुर जीता रोड स्थित शीशम के पेड़ के नीचे गुजर-बसर कर रहे थे। इस खबर को अमर उजाला ने 29 दिसंबर के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित की।
खबर का असर रहा कि इलाके के समाजसेवी मुफलिसी का जीवन जी रहे मां-बेटे की मदद को आगे आए। सौरई बुजुर्ग प्रधान राजेंद्र पांडेय ने मौके पर पहुंचकर महिला को नगदी, कम्बल व खाद्यान्न मुहैया कराया। इसी तरह जीपीएस पब्लिक स्कूल के प्रबंधक नीलेश साहू व एडवोकेट अरविंद पाल ने मां-बेटे को लिए वस्त्र, खाद्यान्न व नगदी प्रदान की। अनाज, वस्त्र व आर्थिक मदद मिलनी शुरू होने पर मां-बेटे में जिंदगी जीने की उम्मीद दिखने लगी है।