गंगा-यमुना ने लाल निशान किया पार, मचा हाहाकार
तराई के छह से ज्यादा गांवों में पानी घुसा, कहीं सड़कें डूबीं तो कहीं घर, नाव से आवागमन कर रहे हैं लोग
मंझनपुर/बारा। दोआबा में यमुना के साथ ही गंगा भी खतरे के निशान से ऊपर बह रहीं हैं। नदियों में उफान से तराई के छह से ज्यादा गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है। कहीं सड़कें डूब गईं तो कहीं घर जलमग्न हो गए। मुख्य मार्ग से संपर्क कटने के कारण लोग नाव से आवागमन कर रहे हैं। सोमवार को डीएम सुजीत कुमार ने कई गांवों का दौरा कर हालात का जायजा लिया। बाढ़ प्रभावित परिवारों को विस्थापित केंद्र पहुंचाया गया। यमुना के जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि से कछारी इलाके के ग्रामीणों की नींद उड़ी हुई है।
राजस्थान के धौलपुर बांध से चार अगस्त को यमुना में करीब 18 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। पानी चंबल नदी से औरैया के रास्ते कौशाम्बी आ रहा है। इसके चलते यमुना के साथ ही गंगा नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि हो रही है। रविवार रात से ही गंगा-यमुना खतरे के निशान से पार हो गईं हैं। इसके चलते जिले के मल्हीपुर, कटैैया, गढ़वा, भवंसुरी हिसामपुर, कोसम इनाम, पभोसा आदि गांवों में बाढ़ का घुस गया है। मुख्य मार्ग डूब जाने से इन गांवों का संपर्क टूट गया है। ग्रामीण नाव से आवागमन कर रहे हैं। हजारों बीघे फसलें जलमग्न हैं। इन गांवों के कई घरों में बाढ़ का पानी घुस गया है। सोमवार को डीएम सुजीत कुमार ने मातहतों के साथ बाढ़ प्रभावित गढ़वा, कोसम इनाम तथा हिसामपुर गांव का दौरा कर हालात का जायजा लिया। प्रभावित परिवारों को विस्थापित केंद्रों में शिफ्ट कराया। सिंचाई विभाग के एक्सईएन जगदीश लाल के मुताबिक सोमवार रात करीब आठ बजे नैनी में यमुना का जलस्तर 84.73 मीटर तथा फाफामऊ में गंगा का जलस्तर 85 मीटर रिकार्ड किया गया। एक्सईएन ने बताया कि गंगा-यमुना में अभी दो दिन तक जलस्तर बढ़ेगा। हालांकि वृद्धि की रफ्तार में कमी आएगी।
वहीं तराई क्षेत्र के गांवों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। संभावित खतरे को देखते हुए डीएम ने सोमवार को सदर तहसील के गढ़वा, कोसम इनाम एवं हिसामपुर के हालात का जायजा लिया। गढ़वा गांव के केवली पत्नी स्व. सतऊ , राजेश, बाबादीन, मतोले, दुर्गा, नाथू, धर्मपाल, कोइली देवी पत्नी स्व. सियाराम, शारदा आदि के घरों में बाढ़ का पानी घुस गया है। डीएम ने बाढ़ प्रभावित परिवारों के खाने-पीने आदि की व्यवस्था करने के निर्देश एसडीएम राजेश श्रीवास्तव को दिया। उन्होने संबंधित अधिकारियों को बाढ़ की स्थिति पर निगाह रखने का निर्देश दिया।