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कौशाम्बी में एक साथ पांच सौ मरीज हो सकेंगे भर्ती

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दोआबा के मरीजों को जल्द मिलेगा बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ
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मेडिकल कॉलेज बनने के बाद मुख्यालय में चिकित्सकों की कमी नहीं होगी
मंझनपुर। दोआबा समेत पड़ोसी जिले के मरीजों को अगले साल तक जिले में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिलने लगेगा। शासन से तीन सौ बेड वाले मेडिकल कॉलेज बनाने की मंजूरी मिलने के बाद मेडिकल काउंसिल की तरफ से औपचारिकता पूरी करके सरकार को भेज दिया गया है। दावा किया जा रहा है कि वर्ष 2023 के अंत तक हर हाल में मेडिकल कॉलेज में गंभीर रोगियों को इलाज मिलेगा। यहां दाखिला (एमबीबीएस) में लेकर पढ़ने वाले छात्रों को सीखने का मौका भी मिलेगा।
जिले में वैसे तो चार सौ के करीब निजी अस्पताल हैं, लेकिन जिला संयुक्त अस्पताल के अलावा आधुनिक सुविधाएं कहीं पर भी नहीं है। संयुक्त अस्पताल को दो भाग में बांटा गया है। 100 बेड जनरल मरीजों के लिए और सौ बेड की अलग बिल्डिंग एमसीएच विंग (जच्चा-बच्चा) के लिए हैं। जिला अस्पताल में जिले के अलावा पड़ोसी जनपद फतेहपुर, चित्रकूट और प्रतापगढ़ के मरीज भी इलाज कराने के लिए आते हैं। इस वजह से यहां समान्य दिनों में ओपीडी सात सौ से नौ सौ होती है। सोमवार व शनिवार को यह संख्या एक हजार तक पहुंच जाती है। जिसमें रोजाना 50 से 80 गंभीर रोगियों को विशेषज्ञ चिकित्सक या जांच की व्यवस्था नहीं होने के कारण प्रयागराज रेफर किया जाता है। अब मेडिकल कॉलेज बनने के बाद मुख्यालय में चिकित्सकों की कमी नहीं होगी। हर मर्ज के विशेषज्ञ चिकित्सक रहेंगे। इसके अलावा अब तक जिला अस्पताल व एमसीएच विंग मिलाकर जो दो सौ बेड की क्षमता थी वह मेडकिल कॉलेज बनने के बाद पांच सौ बेड की हो जाएगी।
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कादीपुर में बनेगा कॉलेज, मंझनपुर में अस्पताल
मंझनपुर। मेडिकल कॉलेज की क्लास को कादीपुर में बनने वाले कैंपस में चलेगी लेकिन उसका अस्पताल जिला अस्पताल परिसर के अंदर ही बनेगा। इस वजह से जिला अस्पताल से रेफर किए गए गंभीर रोगी को मेडिकल कॉलेज के अस्पताल तक पहुंचाने में किसी तरह की समस्या नहीं आएगी। स्ट्रेचर या व्हीलचेयर के जरिए ही मरीज को आसानी से एक अस्पताल से दूसरी अस्पताल में शिफ्ट किया जा सकता है।
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बंद हो जाएंगे निजी अस्पताल
मंझनपुर। जिले में करीब चार सौ निजी अस्पताल हैं। अकेले मंझनपुर में ही 50 से ज्यादा निजी अस्पताल संचालित हो रहे हैं। अगर पांच सौ बेड वाला अस्पताल शुरू हो गया तो निजी अस्पताल पर विपरीत असर पड़ सकता है। --------------------
पहले से यह मिल रही हैं सुविधाएं
मंझनपुर। जिला अस्पताल में पहले ही सरकार की तरफ से तमाम सारी आधुनिक सुविधाएं हैं। जैसे सीटी स्कैन मशीन, डिजिटल एक्स-रे, एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड, मार्डन पौथालॉजी, ऑक्सीजन प्लांट, डायलिसिस यूनिट आदि।
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इनका कहना है
मेडिकल कॉलेज निर्माण के लिए शासन के निर्देश पर मेडिकल काउंसिल की तरफ से सारी कागजी कार्रवाई पूरी करके शासन को रिपोर्ट भेज दी गई गई। नक्शा भी बनकर तैयार हो चुका है। कॉलेज कादीपुर में बनेगा और अस्पताल जिला अस्पताल परिसर में बनाया जाना है। वर्ष 2023 तक अस्पताल के संचालित होने की उम्मीद है।
डॉ. दीपक सेठ, सीएमएस
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