गोदाम मनौरी गांव निवासी पूर्व प्रधान व भाजपा नेता शंभू केसरवानी के बेटे सतीश केसरवानी का है। चौकी इंचार्ज मनोज कुमार तोमर ने लापरवाही के कारण आग लगने का हवाला देकर गोदाम मालिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
मनौरी में प्लाईवुड गोदाम में शुक्रवार रात हुए विस्फोट की हकीकत जानने लिए मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए गए हैं। एसडीएम चायल को जिम्मेदारी सौंपी गई है। रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी। - सुजीत कुमार, डीएम
गोदाम में रखे सिलिंडर से ही विस्फोट हुआ अथवा अन्य किसी कारण से, इस बारे में एफएसएल लखनऊ के एक्सक्लूसिव डिवीजन और मोतीलाल नेहरू इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी प्रयागराज की विजिलेंस टीम से परीक्षण कराया जाएगा। रिपोर्ट के आधार पर अग्रिम विधिक कार्रवाई की जाएगी। - बृजेश कुमार श्रीवास्तव, एसपी कौशाम्बी
तीन साल पहले भरवारी में धमाके से हुई थी तीन की मौत
तीन साल पहले भी भरवारी कस्बा स्थित पटाखा फैक्टरी में घरेलू गैस सिलिंडर फटने से धमाका हुआ था। घटना में तीन महिला श्रमिकों की मौत हो गई थी। पुलिस फैक्टरी सील कर संचालक सहित सात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी।
भरवारी निवासी हैदर अली स्थानीय पुलिस चौकी से करीब 50 मीटर की दूरी पर अपने घर में ही घनी आबादी के बीच मौत का कारखाना चला रहा था। 4 मई 2020 को पटाखा फैक्टरी में हुए धमाके से मकान में आग लगने के साथ ही पिछले हिस्से की छत तथा दीवारें ढह गईं थी। घटना में कस्बे की ही रहने वाली फैक्ट्री मजदूर गीता (18) पुत्री रामलाल की मौके पर मौत हो गई थी। जबकि, राधिका (25) पत्नी रामकुमार व पुष्पा (15) पुत्री राजकुमार ने एसआरएन प्रयागराज में दम तोड़ दिया था।
तत्कालीन एसडीएम चायल ज्योति मौर्य, सीओ सिराथू रामवीर सिंह जिलेभर की फोर्स और फायर ब्रिगेड के साथ मौके पर पहुंचे थे। इस घटना के बाद भी त्योहारी सीजन में प्रशासन सक्रिय नहीं दिखा।
मीडिया कर्मियों को देख बंद कराया काम
पटाखा भंडारण छिपाने के उद्देश्य से शुक्रवार सुबह गोदाम मालिक सतीश केसरवानी पुलिस की मिलीभगत से जेसीबी लगाकर मलबा हटाने और विस्फोट के सुबूत मिटाने के प्रयास में जुटा ही था कि मौके पर कई मीडिया कर्मियों की टीम पहुंच गई। टीम को देखते ही गोदाम मालिक, चौकी इंचार्ज चायल मनोज तोमर व फायर ब्रिगेड जेसीबी समेत मौके से खिसक लिए।