धमाके से ध्वस्त हुआ मकान।
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गोदाम के अंदर सीनजी से चलने वाली वैगनआर कार और एलपीजी चालित मारुति कार के अलावा दूसरे घर में रखी कार विस्फोट में क्षतिग्रस्त हुई। जिस मकान में धमाका हुआ है वहां से करीब दो सौ मीटर दूर दुर्गेश पाल का मकान है। विस्फोट के बाद उड़े मकान के मलबे से दुर्गेश की कीमती भैंस भी चोटिल हो गई है, जिसका इलाज चल रहा है।
और बड़ा हो सकता था हादसा
धमाके वाले भवन के पीछे करीब 300 मीटर और बाएं तरफ करीब दो सौ मीटर तक खाली प्लाट होने से कई मकान विस्फोट की जद में आने से बच गए। जिस समय धमाका हुआ, उस वक्त ज्यादातर लोग अपने घरों में खाना पीना कर रहे थे। ऐसे में यदि और देर रात धमाका होता तो संभव है कि हादसा बड़ा होता।
लाइसेंस दो दुकानों का, भंडारण कई जगह
कस्बे में पटाखा बिक्री के लिए सिर्फ दो दुकानों का लाइसेंस है। बाकी दीपावली पर बिक्री के लिए सिर्फ तीन दिनों का ही अस्थायी लाइसेंस दिया जाता है। लेकिन प्लाईवुड गोदाम में भारी मात्रा में पटाखे रखे जाने की भनक न गोदाम के आसपास रहने वालों और न प्रशासन को लग सकी।