दोआबा में भी बुखार अब जानलेवा बनता जा रहा है। बुखार की जद में आने से रविवार को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नेवादा के शेरगढ़ गांव में एक मासूम की मौत हो गई। जबकि आधा दर्जन से अधिक लोग अब भी बुखार से पीड़ित हैं। मासूम की मौत से परिजनों में कोहराम है। परिजनों ने सोमवार दोपहर मासूम के शव का अंतिम संस्कार कर दिया है। इधर, नेवादा के बलिहावां देह निवासी उमा देवी पत्नी बृजेश कुमार की मौत हो गई। महिला का मूरीगंज के निजी अस्पताल में इलाज चल रहा था।
शेरगढ़ निवासी गिरीश चंद्र दिवाकर मजदूरी कर परिवार का गुजारा करता है। गिरीश ने बताया कि उसकी तीन वर्षीय बेटी सृष्टि दो दिन पहले बुखार की चपेट में आई थी। स्थानीय निजी अस्पताल में इलाज कराने के बाद भी हालत में कोई सुधार नहीं हुआ तो रविवार की सुबह सृष्टि को सरायअकिल के एक निजी अस्पताल ले गए। जहां पर इलाज के दौरान शाम को मासूम की मौत हो गई। घटना से परिजनों में कोहराम है। सोमवार दोपहर परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया। परिजनों ने बताया कि उनकी बेटी को आ रहे बुखार के बाद जांच कराई गई थी। जांच रिपोर्ट में डेंगू की पुष्टि नहीं हो सकी थी। उन्होंने बताया कि गांव में आधा दर्जन से अधिक लोग इस रहस्यमयी बुखार की चपेट में हैं।