मंझनपुर। दोआबा में चोरों ने उत्पात मचा रखा है। वह हर तीसरे दिन कहीं न कहीं वारदात को अंजाम दे रहे हैं। शुक्रवार रात भी चरवा इलाके में एक घर से लाखों का माल पार कर दिया गया। इन घटनाओं से जिले के लोग सहमे हुए हैं।
कौशाम्बी में चोर बेखौफ हो गए हैं। विभिन्न थाना क्षेत्रों के किसी न किसी गांव में हर तीसरे-चौथे दिन चोरी की घटनाएं हो रही हैं। कुछ मामलों में तो केस दर्ज कर लिया जाता है। अन्य जांच के नाम पर ठंडे बस्ते में डाल दिए जाते हैं। दो माह के बीच हुई करीब आधा दर्जन बड़ी घटनाओं का अभी तक वर्कआउट नहीं हो पाया है। चरवा उत्तर थोक गांव निवासी धर्मपाल पुत्र स्वर्गीय बुधई खेती करके परिवार का खर्च चलाता है। शुक्रवार रात वह और उसके परिवार के सदस्य आंगन में सो रहे थे। इस दौरान दीवार फांदकर भीतर घुसे चोर दस हजार नकद व करीब दो लाख के गहने उठा ले गए। सुबह घटना की जानकारी होते ही मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने जांच की। चोरी का केस दर्ज किया गया है।
सरायअकिल के कटरा नगर मोहल्ला निवासी विनीत रस्तोगी ने अपने घर में ही आभूषणों की दुकान खोल रखी है। 23 जुलाई की रात शटर तोड़कर चोर उसकी दुकान से 25 हजार रुपये नगद सहित करीब 11 लाख का माल उठा ले गए थे। मामले में अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज हुआ है। अभी तक पुलिस खुलासा नहीं कर पाई है। चरवा कोतवाली क्षेत्र के गढ़वा उदाथू निवासी शनि मौर्य ने करारी के अरका महावीरपुर चौराहे पर मोबाइल की दुकान खोल रखी है। एक अगस्त की रात चोर उसकी दुकान से आठ हजार नकद सहित करीब एक लाख का माल समेट ले गए थे। घटना का खुलासा तो दूर, पुलिस ने अभी तक रिपोर्ट ही नहीं दर्ज की है। बतादें कि यह घटना उस जगह हुई थी, जहां हर रात पुलिस की पिकेट रहती है। इसके बाद भी चोरों ने वारदात को अंजाम दे दिया।
महेवाघाट कोतवाली क्षेत्र के हिनौता गांव में दो अगस्त की रात पुलिस चौकी से करीब 150 मीटर की दूरी पर स्थित बीओबी बैंक की शाखा को खंगालने का प्रयास किया गया था। गनीमत ये रही कि जगहट हो जाने की वजह से चोर कामयाब नहीं हो पाए। मामले में अज्ञात के खिलाफ चोरी के प्रयास का केस दर्ज है। चोर अभी तक पकड़े नहीं जा सके हैं। करारी कोतवाली क्षेत्र के पिंडरा गांव में सेंट्रल बैंक की शाखा है। पांच दिन पहले सेंध काटकर इस शाखा से चोर तीन कम्प्यूटर और दो की-बोर्ड उठा ले गए थे। सीसीटीवी फुटेज में चेहरा साफ दिखने के बाद भी पुलिस अभी तक चोरों को पकड़ नहीं पाई है। अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज है। पूछताछ के नाम पर शातिरों को पकड़ने और छोड़ने का खेल जारी है।