जिला अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड स्थित वार्मर में 15 अगस्त के दिन नवजात शिशु की जलकर मौत का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। मामले को बाल कल्याण समिति ने स्वत: संज्ञान लेकर 18 अगस्त को पूरे प्रकरण की अस्पताल प्रशासन से जानकारी मांगी थी। जानकारी उपलब्ध नहीं होने पर बुधवार को दोबारा तीन दिन के अंदर चिकित्सकीय प्रमाण सहित सीएमएस को तलब किया गया है।
फतेहपुर जिले के खखरेरू गांव की महेलिका ने जिला अस्पताल में 13 अगस्त को बच्चे को जन्म दिया। बच्चे को वार्मर में रखने की जरूरत बताकर उसे एसएनसीयू भेज दिया गया। 15 अगस्त की सुबह बताया गया कि स्टॉफ ने वार्मर बंद कर दिया था। इस बीच बच्चे की नानी डायपर बदलने गई और उसने मशीन का प्लग ऑन कर दिया। जिससे घंटे भर बाद ही बच्चे की जलकर मौत हो गई। इसे लेकर खूब हंगामा हुआ।
मामला मीडिया की सुर्खियां बना तो न्यायपीठ (न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी) बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष कमलेश चंद्र ने स्वत: प्रकरण का संज्ञान लिया। 18 अगस्त को उन्होंने सीएमएस को पत्र भेजकर पूरे मामले की जांच और दोषियों पर की गई कार्रवाई के बाबत रिपोर्ट मांगी। लेकिन अब तक अस्पताल प्रशासन की तरफ से कई जवाब नहीं दिया गया। इससे नाराज अध्यक्ष ने 25 अगस्त को दोबारा पत्र भेजकर तीन दिवस के भीतर सीएमएस को न्यायपीठ के समक्ष उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने के लिए निर्देशित किया है।