सयांरा स्थित बाबू सिंह डिग्री कॉलेज परिसर में शनिवार को मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह का आयोजन किया गया। इसमें 207 जोड़े दांपत्य सूत्र में बंधे। अफसरों, जनप्रतिनिधियों ने उपहार देकर नवदंपतियों को विदा किया।
समाज कल्याण विभाग ने समारोह में सिराथू ब्लॉक क्षेत्र के 93, नगर पंचायत के आठ, कड़ा ब्लॉक क्षेत्र के 83 व दारानगर-कड़ा धाम नगर पंचायत के 17 और अजुहा नगर पंचायत के पांच जोड़ों की शादी कराई गई।
इसमें तीन मुस्लिम जोड़ों का निकाह व तीन का पुनर्विवाह हुआ। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच सनातनी जोड़ों ने सात फेरे लेकर एक-दूसरे के साथ दांपत्य जीवन गुजारने का संकल्प लिया।
योजना के तहत नवविवाहिता हर बेटी के खाते में 35-35 हजार रुपये भेज गए। इसके अलावा 10 हजार रुपये कीमती गृहस्थी के सामान उपहार स्वरूप दिए गए।
जिला पंचायत अध्यक्ष कल्पना सोनकर ने कहा, गरीबों की बेटियों के हाथ पीले करने के लिए सरकार कृत संकल्प है। राज्य महिला आयोग की सदस्य प्रतिभा कुशवाहा ने कहा, सरकार की इस योजना से बेटियां अब मां-बाप के लिए बोझ नहीं बन पा रही हैं।
शिक्षा से लेकर विवाह तक की जिम्मेदारी सरकार उठा रही है। समारोह में सीडीओ अजीत कुमार श्रीवास्तव, जिला समाज कल्याण अधिकारी दिलीप कुमार, बीडीओ भावेश कुमार शुक्ला समेत तमाम अधिकारी मौजूद रहे।
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12.84 लाख खर्च, फिर भी गुणवत्ता विहीन खाना, नहीं मिली कुर्सी
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत 214 जोड़े ने पंजीयन कराया था, लेकिन सात जोड़ों ने ऐन वक्त इरादा बदल दिया। इस वजह से 207 जोड़ों की ही शादी कराई जा सकी। हर जोड़े के खाने-पीने व अन्य व्यवस्था के लिए योजना के तहत छह हजार रुपये तय किया गया है।
सयांरा में आयोजित कार्यक्रम की व्यवस्था के मद में करीब 12 लाख 84 रुपये खर्च किए गए, लेकिन जोड़ों के साथ पहुंचे परिजनों और रिश्तेदारों को बैठने के लिए कुर्सी नहीं मिली। वहीं, लंच पैकेट में भी गुणवत्ता विहीन खाना दिया गया।
सिपाह गांव के अमर सिंह ने बताया खाना एकदम घटिया मिला। मानपुर गौरा के झल्लर ने कहा बेटी की शादी में घर से तीन लोग आए थे, लेकिन खाना नहीं मिला। बैठने के लिए कुर्सी तक नहीं दी गई है।