Case of fake degree: Four dismissed teachers of Kaushambi will get salary
दिवाली से पहले फर्जी प्रमाणपत्र मामले में बर्खास्त चार शिक्षकों को बड़ी राहत मिली है। अब फर्जी डिग्री धारक शिक्षकों को बिना कार्यभार ग्रहण किए ही एक जुलाई से वेतन प्रदान किया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद इन शिक्षकों को जुलाई से वेतन जारी करने के आदेश दिए गए हैं। हालांकि, बर्खास्त शिक्षकों को दोबारा कार्यभार ग्रहण नहीं कराया जाएगा।
विशेष जांच दल (एसआईटी) की जांच सूची में शामिल डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा के बीएड सत्र 2004-05 के फर्जी प्रमाणपत्र मामले में तीन साल पहले जिले के 12 बेसिक शिक्षकों को बर्खास्त कर दिया गया था। इसके बाद बर्खास्त शिक्षकों में से नूतन कुमारी, सीमा यादव, लवलेश द्विवेदी, अर्चना देवी समेत चार अध्यापक सुप्रीम कोर्ट चले गए थे।
सुप्रीम कोर्ट ने इन्हें बिना कार्यभार ग्रहण कराए ही एक जुलाई 2021 से वेतन जारी करने का आदेश दे दिया। इसे लेकर बीएसए ने खंड शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी कर जरूरी निर्देश दिया है। बीएसए प्रकाश सिंह ने बताया कि देर रात सचिव बेसिक शिक्षा परिषद से हुई बात के बाद निर्णय लिया गया है कि फर्जी बीएड डिग्री सूची में शामिल शिक्षकों को बिना कार्यभार ग्रहण कराए ही एक जुलाई से वेतन जारी किया जाएं। इस संबंध में खंड शिक्षाधिकारियों को आदेश जारी कर दिए गए हैं
वर्चुअल बैठक में काफी देर तक हुई चर्चा
शिक्षा विभाग के सूत्रों के अनुसार सचिव बेसिक शिक्षा परिषद और प्रदेश के बेसिक शिक्षाधिकारियों के बीच बर्खास्त शिक्षकों को वेतन जारी करने और पुन: कार्यभार ग्रहण कराने को लेकर काफी देर तक वर्चुअल चर्चा हुई। बेसिक शिक्षाधिकारियों का कहना था कि बना कार्यभार ग्रहण कराए किस आधार पर वेतन जारी किए जाएं। लगभग एक घंटे की चर्चा के बाद सचिव ने निर्देश दिए कि सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कार्यभार ग्रहण कराने की बात नहीं कही है, केवल एक जुलाई से वेतन जारी करने को कहा है।