The relatives of the dead in the shadows, the stoves in the houses did not burn
- फोटो : KAUSHAMBI
पूरामुफ्ती बाजार में शुक्रवार की सुबह हुए हादसे में जान गंवाने वाले मृतकों के परिजन सदमें में है। मौत का मंजर देख परिजन हादसे को भूल नहीं पा रहे हैं। हादसे के दूसरे दिन मृतकों के घर में चूल्हे नहीं जले। सांत्वना देने के लिए दिन भर उनके घरों में लोगों का आना जाना लगा रहा।
पूरामुफ्ती बाजार निवासी डॉ. सोहन लाल पाल की हार्ट अटैक से मौत के बाद मोहल्ले वाले उनके घर सांत्वना देने के लिए पहुंचे थे। शुक्रवार की सुबह करीब सात बजे कुछ लोग जीटी रोड पर खड़े होकर बात कर रहे थे। इसी दौरान मूरतगंज की तरफ से आई एक बेकाबू पिकप ने वहां पर खड़े लोगों को रौंद दिया। हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई थी। जबकि तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। हादसे के बाद मौके पर चीख पुकार मच गई।
हादसे में जान गंवाने वाले प्रदीप कोरी उर्फ बाबा (60), भगवान दीन कुशवाहा (70) व नंद किशोर पटेल के घर में कोहराम मच गया। स्थिति यह रही कि दूसरे दिन भी परिजन घटना को नहीं भूल पा रहे हैं। हादसे के बाद से परिजन सदमे में हैं। मृतकों के घरों में चूल्हे नहीं जले।
दूसरी तरफ काल बनी पिकअप चालक वीर सिंह निवासी रसूलाबाद उर्फ कोइलहा थाना पूरामुफ्ती के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई करते हुए जेल भेज दिया। जबकि उसके साथ रहे अन्य तीन युवकों को पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया। इंस्पेक्टर पूरामुफ्ती आशुतोष तिवारी ने बताया कि स्थिति को देखते हुए शनिवार को छिटपुट व्यापारियों ने अपनी दुकानें खोलीं। कोई हादसा दोबारा नहीं हो, इसके लिए एहतियात बरती जा रही है।