पीएम के वादे को पूरा होने में दो दिन बचे हैं। बैंकर्स को निर्देश जारी हुआ है कि वह 24 हजार रुपये तक ग्राहकों को दें, लेकिन यह आदेश चुनिंदा बैंकों में ही लागू है। अभी भी ग्रामीण इलाकों में बैंकर्स दो हजार से पांच हजार की ही रकम दे रहे हैं। लोगों का काउंटर से विदड्राल वापस किया जा रहा है। इससे लाइन में लगे लोगों की बैंक कर्मियों से कहासुनी हो रही है।
बैंक के काउंटर तक पहुंचने में लोगों को तमाम समस्याएं झेलनी पड़ती है।
धक्का-मुक्की सहने के बाद जब वह काउंटर पर पहुंचते हैं, तो उन्हें यही कहा जाता है कि दूसरा विदड्राल भरें और रकम कम लिखें। मंगलवार को यमुना के तराई इलाके में स्थिति बीओबी बैंक की शाखा बेरौंचा, कनैली, विदांव, बड़ौदा उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक की शाखा बारा में लोगों की लंबी लाइन लगी रही। बैंक के काउंटर से ग्राहकों को दो हजार रुपया से ज्यादा नहीं दिया गया। ग्राहकों के दबाव बनाने पर उन्हें बड़ी मुश्किल से पांच हजार रुपया दिया गया। यही हाल जिले के कई बैंकों का रहा। एसबीआई के अलावा लगभग सभी बैंकों का यही हाल है। भरवारी नगर पंचायत में यूनियन व बीओबी भी ग्राहकों को 24 हजार व व्यापारियों को 50 हजार रुपये नहीं दे पा रहे हैं।
इसको लेकर लोगों में गुस्सा है। ग्राहक सुनील केशरवानी का कहना है कि वह बीओबी बैंक से मंगलवार को 15 हजार रुपया निकालने गए थे, लेकिन उनको दो हजार रुपया से ज्यादा नहीं दिया गया। हालांकि इसके लिए उन्होंने कैशियर पर दबाव भी बनाया, लेकिन उन्होंने सभी ग्राहकों का हवाला देकर रुपया देने से इंकार कर दिया। यही कहना है कि मंझनपुर के आदित्य कुमार का। वह प्राइवेट कंपनी में काम करते हैं। केनरा बैंक में उनका खाता खुला है। उन्होंने बताया कि 24 हजार रुपया निकालने गए थे, लेकिन दस हजार रुपया दिया जा रहा था। कहा कि काउंटर से उन्हें वापस लौटना पड़ा।