पइंसा कोतवाली के बिबिनियापुर गांव के बाहर सड़क किनारे चटाई बिछा कर सो रहे मजदूर की अज्ञात वाहन से कुचलकर मौत हो गई। पुलिस ने परिजनों से पूछताछ के बाद कानूनी औपचारिकता पूरी की।
खाड़ेपुर निवासी 55 वर्षीय फूलचंद्र अपनी मां सांवरिया देवी के साथ अकेले रहता था। कई साल पहले पत्नी उसे छोड़कर बच्चों संग मायके चली गई थी। फूलचंद्र अपने ममेरे भाई राजू के साथ रहकर काम करता था। राजू ने बताया कि बुधवार रात वह पड़ोसी गांव बिबिनियापुर में रिश्तेदार बच्चीलाल के खेत में फसल की सिंचाई करने के लिए फूलचंद्र के साथ गया था।
रात करीब 10 बजे राजू ने फूलचंद्र से खाना खाने के लिए घर चलने को कहा तो उसने इन्कार कर दिया। बोला कि वह खाना खा चुका है। इस पर राजू अकेले खाना खाने चला गया। जबकि फूलचंद्र बिबिनियापुर गांव के बाहर सड़क किनारे चटाई बिछा कर सो गया। इस बीच अज्ञात वाहन से कुचलकर उसकी मौत हो गई। आधे घंटे बाद राजू वहां पहुंचा और फूलचंद्र का खून से लथपथ शव देखा तो रोने-चीखने लगा। सूचना पाकर ग्रामीण व परिजन आ गए। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा।