संयुक्त जिला चिकित्सालय के एसएनसीयू वार्ड में वार्मर पर जिंदा जलकर नवजात की मौत के मामले में प्रशासन अब लीपापोती करने में जुटा है। घटना के 36 घंटे बाद भी मामले में किसी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा सकी है।
संयुक्त जिला चिकित्सालय के एसएनसीयू वार्ड में वार्मर पर जिंदा जलकर नवजात की मौत के मामले में प्रशासन अब लीपापोती करने में जुटा है। घटना के 36 घंटे बाद भी मामले में किसी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा सकी है। स्वास्थ्य विभाग कमेटी बनाकर मामले की जांच कराने की बात कह रहा है। उधर, डीएम ने प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए सीएमएस से 24 घंटे के भीतर मामले की विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।
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फतेहपुर जिले के खखरेरू निवासी जुनैद की पत्नी महेलिका को शुक्रवार शाम प्रसव पीड़ा हुई। इस पर घर वाले मेहेलिका का प्रसव कराने जिला अस्पताल लाए। शाम 6.15 बजे मेहिलिका ने बेटे को जन्म दिया। रात 9.14 बजे राउंड में गए चिकित्सक ने सलाह दिया कि बच्चा सेक्शन (दूध नहीं दबा पा रहा है) नहीं कर पा रहा है। इस वजह से उन्होंने जिला अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड में शिशु को भर्ती करने की सलाह दी। जुनैद के बड़े भाई जावेद का कहना है कि 15 अगस्त की सुबह छह बजे बच्चे की नानी डायपर बदलने गई तो सब ठीक था। उन्होंने स्टाफ से बच्चेे को देखने के लिए कहा, लेकिन कोई कुर्सी से नहीं हिला। सभी स्टॉफ मोबाइल चलाने में ही मस्त रहे। इसके करीब एक घंटे बाद परिवार के अन्य लोग वार्ड पहुंचे तो बच्चे के शरीर से धुआं निकल रहा था।
स्टाफ के साथ पास जाकर देखा तो उसकी सांसें थम चुकीं थीं। बच्चे की चमड़ी इस तरह से जल गई थी कि पकड़ने में वह नोच आती थी। इसे लेकर परिजनों ने स्वास्थ्यकर्मियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए परिजनों ने अस्पताल में हंगामा करते हुए सीएमओ से लिखित शिकायत भी की। लेकिन, मंगलवार तक किसी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। सीएमओ डॉ. केसी राय का कहना है कि सीएमएस को दो सदस्यीय टीम बनाकर मामले की जांच करने के निर्देश दे दिए गए हैं। उधर, घटना को गंभीरता से लेते हुए डीएम सुजीत कुमार ने सीएमओ से 24 घंटे के भीतर मामले की विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। डीएम का कहना है कि रिपोर्ट मिलने के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।