सरायअकिल कोतवाली के एक गांव की रहने वाली महिला ने दी गई तहरीर में बताया कि उसका मायका पड़ोसी गांव में है। उसकी पांच साल की बच्ची जन्म से मंदबुद्धि है। महिला के मुताबिक बुधवार दोपहर उसकी बेटी पैदल ही अपने घर से ननिहाल जा रही थी।
गांव से कुछ दूरी पर रास्ते में किसी ने उसके साथ दुष्कर्म किया। मासूम की हालत देख किसी राहगीर ने साइकिल पर बैठाकर ननिहाल में घर के सामने छोड़ दिया। खून से लथपथ मासूम ननिहाल पहुंची तो सभी के होश उड़ गए। मासूम की नानी ने गांव के ही डॉक्टर से प्राथमिक इलाज कराने के बाद फोन कर सूचना घर वालों को दी।
बेटी के साथ हैवानियत की खबर सुन बदहवास महिला मायके पहुंची। महिला ने पीड़ित बच्ची को साथ लेकर थाने जाकर अज्ञात के खिलाफ तहरीर दी।
शिकायत पाकर पुलिस ने मौका मुआयना करने के बाद मासूम बच्ची को मेडिकल परीक्षण के लिए भेज दिया। थानाध्यक्ष भुवनेश कुमार चौबे ने बताया कि बच्ची को चोटें लगी हैं। मंदबुद्धि होने के कारण बच्ची साफतौर कुछ नहीं बता पा रही है। मेडिकल परीक्षण करा दिया गया है। डॉक्टरों के मुताबिक बच्ची के साथ किसी तरह की कोई हैवानियत नहीं हुई है।