सिराथू विकास खंड में शनिवार को हुए ब्लॉक प्रमुख पद के लिए मतदान में 47 सदस्यों ने चुनाव का बायकाट किया। यह सदस्य मतदान करने ही नहीं पहुंचे थे। चर्चा रही कि पुलिस ने भाजपा नेता दिलीप सिंह पटेल के घर में बीडीसी सदस्यों के साथ मारपीट और तोड़फोड़ की थी। इसी कारण उनके समर्थक सदस्यों ने चुनाव में हिस्सा नहीं लिया। हालांकि यहां जिन प्रत्याशियों के बीच चुनाव हुआ वहां भाजपा ने जीत दर्ज की है। यहां निर्दल प्रत्याशी सुधा सिंह ने मतदान नहीं किया, लेकिन उनको दो वोट भी मिल गए।
क्षेत्र पंचायत सिराथू में ब्लॉक प्रमुख पद के लिए भाजपा की सीतू मौर्या, सपा की निर्मला देवी और निर्दल प्रत्याशी सुधा सिंह चुनाव मैदान में थी। इस विकास खंड में 115 क्षेत्र पंचायत सदस्य हैं। शनिवार को मतदान के दिन कुल 68 सदस्यों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। 47 सदस्यों से मतदान से दूरी बनाए रखी। शाम तीन बजे के बाद मतगणना हुई। जिसमें भाजपा प्रत्याशी सीतू मौर्या को सार्वाधिक 59 मत मिले। सपा प्रत्याशी को पांच व निर्दल प्रत्याशी सुधा सिंह को दो मत प्राप्त हुए। दो मत अवैध करार दिए गए। जिस चुनाव में एक-एक मत के लिए प्रत्याशी संघर्ष करते हैं, वहां अचानक 47 सदस्यों के चुनाव से दूरी बना लेने से तमाम तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं।
बताते चलें कि बृहस्पतिवार को निर्दल प्रत्याशी के रूप में नामांकन करने पहुंची सुधा सिंह के साथ तमाम बीडीसी सदस्य पहुंचे थे। शाम को ज्यादातर सदस्य सुधा सिंह के आवास में रुक गए। रात को पुलिस को खबर मिली कि सुधा सिंह के यहां बीडीसी सदस्यों को अगवा करके रखा गया है। इस पर सैनी व पइंसा कोतवाली की फोर्स सुधा सिंह के यहां पहुंचीं। ज्यादा रात होने के कारण आवास पर रहे सदस्यों व समर्थकों ने दरवाजा नहीं खोला। इसके बाद खिड़की और दरवाजे तोड़कर अंदर घुसी पुलिस ने जमकर तांडव किया।
पुलिस की पिटाई से क्षेत्र पंचायत सदस्य राजू का सिर फट गया था। इसके बाद वहां मौजूद सदस्यों और समर्थकों को पुलिस पकड़कर सैनी कोतवाली ले गई। इस पर कोतवाली में प्रत्याशी के पति व भाजपा नेता दिलीप पटेल अपने समर्थकों के साथ धरने में बैठ गए। इसकी जानकारी पर सिराथू विधायक शीतला प्रसाद पटेल भी कोतवाली पहुंचे। विधायक के हस्तक्षेप के बाद सदस्यों को उनके घरवालों की सुपुर्दगी में दिया गया था। चर्चा रही कि पुलिस के इसी उत्पीड़न के कारण 47 सदस्यों ने मतदान से दूरी बना ली।
74 बीडीसी ने नहीं डाले वोट, फिर भी हो गया मतदान !
सिराथू ब्लॉक से प्रमुख पद के निर्दल प्रत्याशी सुधा सिंह के पति दिलीप सिंह पटेल का कहना है कि चुनाव में लोकतंत्र की खुलेआम हत्या हुई है। दिलीप ने चुनाव में प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि वह और उनकी पत्नी सुधा सिंह (प्रत्याशी) वोट देने ही नहीं गए। इसके बाद भी सुधा सिंह को दो वोट मिल गए। इतना ही नहीं उनका दावा है कि समर्थन में रहे 74 क्षेत्र पंचायत सदस्यों ने मतदान में हिस्सा ही नहीं लिया। फिर, भी 115 सदस्यीय सदन में कुल 68 मत पड़ना हैरानी की बात है।
सपा प्रत्याशी के कार्यालय में भी पुलिस ने किया घुसने का प्रयास
कड़ा विकास खंड से चुनाव लड़े सपा प्रत्याशी अनुज सिंह के सयांरा स्थित कैंप कार्यालय में भी पुलिस ने घुसने का प्रयास किया। दो वाहनों से पहुंची फोर्स ने कार्यालय का दरवाजा खुलवाना चाहा। पुलिस गेट जबरन खुलवाती, इससे पहले सोशल मीडिया में पुलिस का वीडियो वायरल हो गया। इसके बाद पुलिसकर्मी वहां से वापस चले गए।
ड्रोन कैमरे से होती रही निगरानी
पुलिस और प्रशासन ने मतदान व मतगणना की स्थिति पर नजर रखने के लिए ड्रोन कैमरे का भी सहारा लिया। मूरतगंज ब्लॉक के ऊपर काफी देर तक ड्रोन मंडराता रहा। इसी तरह अन्य केंद्रों की निगरानी कराई गई।