ये टीमें सीओ सदर, कोतवाली प्रभारी निरीक्षक, शहर इंचार्ज, एसओजी की बनाई गई हैं। इनके द्वारा आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश भी दी जा रही हैं, लेकिन कोई भी आरोपी पुलिस की गिरफ्त में नहीं आया है। इस ग्रुप से 112 सदस्य जुड़े हुए हैं। इन सभी सदस्यों के खिलाफ संबंधित धारा में नोटिस भेजे जा रहे हैं। जिससे में शहर में यदि किसी तरह का बवाल हो तो इन पर शिकंजा कसा जा सके। मामले को लेकर सीओ डीके पंत का कहना है कि इस साजिश के पीछे कहीं पीएफआई का तो हाथ नहीं, इसकी भी जांच की जा रही है।
एसपी बोले- सर्विलांस की ली जा रही है मदद
मामले को लेकर एसपी रोहन प्रमोद वोत्रे का कहना है कि शहर में बवाल कराने की साजिश का पर्दाफाश हो जाने के बाद पुलिस इस मामले की गहनता से जांच कर रही है। सर्विलांस की भी मदद ली जा रही है। पुलिस को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।