कासगंज। जिले में उमस भरी गर्मी लोगों के स्वास्थ्य पर भारी पड़ रही है। मंगलवार को जिला अस्पताल की ओपीडी और इमरजेंसी में मरीजों की भीड़ उमड़ पड़ी, जहां विभिन्न बीमारियों से पीड़ित कुल 1,320 मरीज उपचार के लिए पहुंचे। इनमें से 25 की हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने उन्हें भर्ती कर लिया।
बारिश न होने और हवा में बढ़ी नमी के कारण बुखार, सांस संबंधी संक्रमण और डायरिया के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। सुबह से ही अस्पताल में मरीजों की भीड़ लग रही है, जिससे पर्चा काउंटर से लेकर दवा वितरण केंद्र और चिकित्सक कक्ष तक लंबी कतारें देखी जा रही हैं।
अस्पताल के आंकड़ों के अनुसार, सबसे अधिक 290 मरीज बुखार की शिकायत लेकर पहुंचे। इसके अलावा, 215 मरीज सांस लेने में तकलीफ, खांसी और अन्य श्वसन संबंधी समस्याओं से पीड़ित मिले, जबकि 68 मरीज डायरिया की चपेट में पाए गए। अन्य मरीज उल्टी, पेट दर्द, वायरल संक्रमण, शरीर दर्द और कमजोरी जैसी शिकायतों के साथ अस्पताल पहुंचे। चिकित्सकों का कहना है कि मौसम में लगातार हो रहे बदलाव, बढ़ी हुई आर्द्रता और चिपचिपी गर्मी के कारण बैक्टीरिया और वायरस तेजी से सक्रिय हो रहे हैं। दूषित भोजन और पानी के सेवन से डायरिया के मामले बढ़ रहे हैं, जबकि उमस के कारण बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों में सांस संबंधी दिक्कतें अधिक देखने को मिल रही हैं।
प्रमुख लक्षण
तेज या लगातार बुखार
खांसी, सांस लेने में तकलीफ
उल्टी, दस्त और पेट दर्द
शरीर में कमजोरी और थकान
अधिक पसीना आना, चक्कर या बेचैनी
सिरदर्द और भूख कम लगना
उमस से बचाव के लिए उपाय
पर्याप्त मात्रा में स्वच्छ पानी और ओआरएस का सेवन करें।
बाहर का खुला व बासी भोजन खाने से बचें।
हल्के सूती और ढीले कपड़े पहनें।
दोपहर की तेज धूप और उमस में अनावश्यक बाहर न निकलें।
भोजन को ढककर रखें और हाथ धोकर ही खाना खाएं।
बुखार, दस्त या सांस लेने में परेशानी होने पर तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें।
बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों का विशेष ध्यान रखें।
जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) डॉ. संजीव सक्सेना ने बताया, उमस के मौसम की वजह से लोगों की सेहत पर असर पड़ रहा है। भर्ती किए गए 25 मरीजों का चिकित्सकों की निगरानी में उपचार चल रहा है।