गंगागढ़ निवासी छोटे लाल का पुत्र गिर्राज खारकीव से हंगरी बॉर्डर के लिए निजी बस से रवाना हुआ थे। सोमवार को ट्रैफिक जाम में फंसे रहे, लेकिन 27 घंटे लंबे इंतजार के बाद हंगरी बॉर्डर पर गिर्राज इंट्री कर पाए। जानकारी के मुताबिक गिर्राज को बीते पांच दिनों में काफी मुसीबतों का सामना करना पड़ा। खाने पीने की काफी किल्लत थी। हंगरी बॉर्डर पर प्रवेश मिलने के बाद अब राहत मिली है। पिता छोटे लाल ने बताया कि बेटा जल्द घर लौट आए तब राहत मिले। अब उसे कब हवाई जहाज मिलेगा यह निश्चित नहीं है। एक दो दिन में वह घर वापस आ सकता है।
आवास विकास कॉलोनी निवासी वीरेंद्र सिंह की पुत्री शिवानी टर्नेपिल से स्लोवाकिया में पहुंच गई है। शिवानी टर्नेपिल शहर से एमबीबीएस की शिक्षा ले रहे हैं। शिवानी रविवार को अपने होस्टल से छात्र-छात्राओं के ग्रुप के साथ बस से निकली थी। अब स्लोवाकिया बॉर्डर पहुंच गई है। इस बॉर्डर पर पहुंचने वाले भारतीय छात्र-छात्राओं की संख्या काफी कम है। शिवानी स्लोवाकिया से भारत आएगीं। पिता वीरेंद्र कुमार ने बताया कि बेटी सुरक्षित है। खान पान सहित जो अन्य दिक्कतें बच्चों के साथ बनी हुई हैं उनका समाधान हो। बेटी के घर आने का इंतजार है।