बाबुपुरवा थाना क्षेत्र में फर्जी रजिस्ट्री से मकान बेचने का मामला सामने आया है। यहां किराये पर रहने वाली एक महिला ने मकान को अपना बताकर बेच डाला। पीड़ित ने महिला, प्रॉपर्टी डीलर समेत चार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
कानपुर में बाबूपुरवा की एक महिला ने प्रॉपर्टी डीलर की मदद से फर्जी दस्तावेज बनवाकर उस मकान को ही 16 लाख रुपये में बेच डाला, जिसमें वह किराये पर रहती थी। मकान मालिक जब पहुंचा, तो पीड़ित को ठगी का पता चला। उसने चार लोगों के खिलाफ बाबूपुरवा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
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बाबूपुरवा लेबर कॉलोनी निवासी मोहम्मद सईद आर्डनेंस पैराशूट फैक्टरी से सेवानिवृत्त हैं। सईद के मुताबिक 2020 में उसने इलाके के प्रापर्टी डीलर आफताब अहमद से मिलकर मकान खरीदने की इच्छा जाहिर की। उन्होंने बताया कि बर्रा दो निवासी दोस्त संजय वर्मा की बहन सुनीता का मक्खन लाल का हाता बाबूपुरवा में मकान बिकाऊ है।
महिला ने फर्जी दस्तावेज दिखाकर मकान खुद का होने का दावा किया। मकान खरीदने के नाम पर सईद ने सुनीता को 16 लाख रुपये दे दिए। नवंबर 2020 में सुनीता ने सईद के पक्ष में मकान का बैनामा कर दिया। दो माह बाद मकान में राकेश अग्रवाल पहुंचे और उन्होंने बताया कि यह मकान उनका है।
सुनीता को किराये पर दिया था। इसके बाद सुनीता व आफताब से मिलकर पैसा वापस मांगा तो दो साल से टहला रहे हैं। मोहम्मद सईद ने आफताब, उसके भाई एहसान, सुनीता व संजय पर रिपोर्ट दर्ज कराई है। इंस्पेक्टर ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।