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पति के साथ नहीं लगता था पत्नी का मन तो जहर देकर उतार दिया था मौत के घाट, अब भुगतनी होगी ये सजा

Tue, 23 Jul 2019 11:10 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा यूपी डेस्क, अमर उजाला, औरैया
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यूपी पुलिस फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
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औरैया मे अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश मीनू शर्मा ने फफूंद क्षेत्र के ग्राम ममरेजपुर सरैया निवासी स्नेहलता को पति की हत्या करने की सजा सुनाई है। स्नेहलता ने अपनी शादी के महज 13 महीने बाद मायके में कीटनाशक दवा देकर पति की हत्या करने के आरोप में 10 वर्ष के कठोर कारावास व 10 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया गया है।
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ज्येष्ठ अभियोजन अधिकारी डीके मिश्रा के अनुसार ग्राम बधौली थाना सिकंदरा कानपुर देहात निवासी अरविंद कुमार ने थाना फफूंद में 15 जून 2006 को रिपोर्ट लिखाई कि उसके भाई मुकेश कुमार की शादी करीब एक वर्ष पूर्व ग्राम ममरेजपुर सरैया थाना फफूंद निवासी स्नेहलता से हुई थी।
 

स्नेहलता शादी के बाद ससुराल एक दो बार आई। वादी के परिजनों ने बार-बार मायके जाने से मना किया तो वह झगड़े पर आमादा हो गई। वह कहती कि पति के साथ उसका मन नहीं लगता। घटना के करीब एक माह पहले स्नेहलता अपने पिता राजेंद्र प्रसाद के साथ घर से लड़कर मायके चली गई थी।

11 जून 2006 को मुकेश कुमार स्नेहलता को लेने ससुराल गया था। आरोप है कि 15 जून को स्नेहलता के घर वालों ने मुकेश पर दबाव डाला कि वह लड़की को छोड़ दे तथा शादी में खर्च किया गया पैसा वापस दे दे। वादी ने लिखा कि इस बात को न मानने पर स्नेहलता व उसके घर वालों ने खाने में जहर मिला दिया, जिससे उसके भाई मुकेश की हालत बिगड़ गई, बाद में उसकी मौत हो गई।

 
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विवेचना के बाद पुलिस ने स्नेहलता के विरुद्ध धारा 304 का मामला कोर्ट में विचारण के लिए भेजा। यह मुकदमा एडीजे मीनू शर्मा के समक्ष चला। अभियोजन की ओर एसपीओ डीके मिश्रा ने तर्क दिया कि विवाह के मात्र 13 माह बाद अभियुक्ता ने अपने पति की मृत्यु कारित की। जबकि बचाव पक्ष ने कहा कि पति ने अधिक शराब पी ली थी, इसलिए हालत बिगड़ी।

बचाव पक्ष ने आरोपी को कम आयु की महिला बताते हुए कहा कि उसने दूसरी शादी कर ली है, उसके तीन बच्चे हैं। परिवार में बच्चों की देखभाल करने वाला कोई नहीं है। दोनों पक्षों को सुनने के बाद एडीजे मीनू शर्मा ने स्नेहलता को दस वर्ष को कठोर कारावास व दस हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया। अधिवक्ता शिवम शर्मा ने बताया कि अर्थदंड अदा न करने पर एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। उसे जेल भेज दिया गया।
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