आर्जव बताते हैं कि खुद को किसी से कम न समझूं, इसलिए बगैर माता-पिता के 12वीं के बाद से स्टीफेंस कॉलेज के हॉस्टल में रहता हूं। उनको इंडियन काउंसिल ऑफ हिस्टोरिकल रिसर्च से स्कॉलरशिप मिल रही है। वह शिक्षक बनना चाहते हैं।
ऐसे दी परीक्षा
आर्जव ने बताया कि दृष्टिबाधितों के लिए यूजीसी ने जॉस एक्सेस विद स्पीच सॉफ्टवेयर की व्यवस्था की है। इसमें हर प्रश्न सुनाई देता है, फिर चार ऑप्शन में आपको एक बोल देना होता है, इसके बाद फिर अगला प्रश्न आ जाता है।