फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UP Weather Update: इस बार सावन की फुहारों को तरसेगा मन, 16 जुलाई तक बारिश के संकेत नहीं

Sun, 10 Jul 2022 07:45 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

उत्तर प्रदेश में कमजोर मानसून के चलते लोगों को भीषण गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। मई-जून से ज्यादा गर्मी जुलाई में पड़ रही है। वहीं, मौसम विभाग की बारिश की तमाम संभावनाएं सिर्फ अनुमान बन कर रह गई हैं।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बरसात के मौसम में सावन के महीने को लेकर अनगिनत गीत और कहावतें कहीं गई है। सावन के महीने को कवियों का भी मौसम कहा जाता है। लेकिन इस बार सावन की शुरुआत से मौसम की स्थिति थोड़ी अलग भी और विकट रहेगी। जलवायु परिवर्तन का असर अधिक होने की वजह से सावन की शुरुआत बिना फुहारों के होगी।  सावन का महीना 14 जुलाई से लग रहा है। 

विज्ञापन

मौसम विभाग के अनुसार 16 जुलाई तक महानगर और इसके आसपास के क्षेत्रों में बारिश की संभावना नहीं है। चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम विभाग के अनुसार हवा के कम दबाव वाला क्षेत्र सक्रिय नहीं होने की वजह से अगले एक सप्ताह तक बारिश वाले बादल नहीं बन पाएंगे। इन दिनों में ऊंचाई वाले बादल आते-जाते रहेंगे। इस बीच कड़ी धूप की वजह से उमस और बढ़ेगी। पिछले दस दिनों में सिर्फ एक दिन 47.4 मिमी बारिश रिकार्ड की गई।

फसलों के लिए सूखे जैसी स्थिति
लगातार बारिश नहीं होने की वजह से फसलों के लिए सूखे जैसी स्थिति हो गई है। धान, मक्का, ज्वार, अरहर, सब्जियों की सिंचाई हर तीसरे दिन करनी पड़ रही है। यदि ऐसे ही रहा तो इन फसलों की लागत भी बढ़ेगी। जिससे आने वाले समय में महंगाई भी बढ़ सकती है।

शहरों में लगातार बढ़ रहे हीट लैंड की वजह से वातावरण में गर्मी तेजी से बढ़ रही है। यही वजह है कि बारिश के लिए मुफीद वातावरण नहीं बन पा रहा है। जमीन की गर्मी जब ऊपर उठकर हवा से मिलकर नमी बनाती है तब बारिश वाले बादल बनते हैं, लेकिन यहां हवा के कम दबाव वाला क्षेत्र सक्रिय नहीं हो पा रहा है। इसकी एक वजह प्रदूषण भी है।   -डॉ. एसएन पांडेय प्रमुख मौसम विभाग

विज्ञापन

इस बार शनि के मंगल मेें प्रवेश की वजह से खंड खंड बारिश का योग बना है। इसकी वजह से देश के कुछ हिस्सों में भारी बारिश तो कुछ में कम होगी, क्योंकि शनि का मंगल में प्रवेश मध्य क्षेत्र (जिसमें कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र आता है) मंडल से हुआ है। इसलिए यहां पर अभी लोगों को भीषण गर्मी से जूझना पड़ेगा।  -डाॅ. आचार्य अमरेश, संस्थापक, शकुंतला शक्ति पीठ
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें