झांसी में पांच लाख का इनामी प्रयागराज के शिवकुटी मेहंदौरी निवासी गुलाम, प्रयागराज के चकिया खुल्लाबाद निवासी अतीक अहमद के बेटे असद व झांसी के करगुंवा खुर्द निवासी पुष्पेंद्र यादव। इटावा में विकास दुबे के साथी प्रवीण दुबे, इटावा के चौबिया भूटा निवासी आदेश उर्फ सुंदर यादव।
कानपुर कमिश्नरी में मुठभेड़
फर्रुखाबाद के मोहम्मदाबाद करथिया निवासी सुभाष बाथम, कन्नौज के प्रायमपुर पैरोल विशुनगढ़ निवासी देवेंद्र यादव उर्फ रिंकू। उरई के राहिया निवासी कल्लू उर्फ उमेश व सरसोखी निवासी रमेश का एनकाउंटर किया गया। बिकरू कांड में शामिल पांच लाख के इनामी विकास दुबे, प्रेम पांडेय, अतुल कुमार, प्रभात मिश्रा।
तीन एनकाउंटर की मजिस्ट्रेटी जांच
कानपुर जोन में हुए नौ एनकाउंटर में तीन मामलों की मजिस्ट्रेटी जांच चल रही है। फर्रुखाबाद में हुए सुभाष बाथम, झांसी में हुए पुष्पेंद्र यादव व एक अन्य की जांच पूरी हो चुकी है।
यूपी में हुए एनकाउंटर
वर्ष 2017 में 28
वर्ष 2018 में 41
वर्ष 2019 में 34
वर्ष 2020 में 26
वर्ष 2021 में 26
वर्ष 2022 में 14
वर्ष 2023 में 17
जांच में लापरवाही बरतने वाले दरोगाओं पर होगी विभागीय कार्रवाई
जांच में लापरवाही बरतने वाले दरोगाओं पर कार्रवाई की तलवार लटक गई है। अधिकारियों ने सभी थानाें में लंबित चल रहे 2021 से पहले के केसों की सूची मांगी है। तीन साल से ज्यादा समय से लटकी जांच का दरोगाओं को कारण बताना होगा। इसमें हाल में तबादला होने का हवाला देकर बचने वाले दरोगा भी नहीं बच पाएंगे।
जेसीपी ने 2021 से पहले की लंबित विवेचनाओं का मांगा ब्यौरा
पुलिस कमिश्नर से लेकर डीसीपी स्तर के अधिकारियों को थानों के निरीक्षण के दौरान पता चला कि कई सालों से मामले लंबित हैं, उनकी अभी तक जांच भी पूरी नहीं हो पाई है। इसी के बाद सभी डीसीपी ने अपने जोन के थानों की लंबित जांच रिपोर्ट तलब की है। जेसीपी आनंद प्रकाश तिवारी ने बताया कि जांच लंबित रहना घोर लापरवाही है।