उन्नाव के औरास में लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे पर गुरुवार सुबह कार के पंक्चर पहिये को बदलने के दौरान सड़क पर खड़े पांच लोगों को डीसीएम ने रौंद दिया। बीएड छात्र समेत दो की मौके पर ही मौत और तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। कार सवार फिरोजाबाद से बाराबंकी देवा शरीफ दर्शन के लिए जा रहे थे।
फिरोजाबाद के थाना शिकोहाबाद के रुकनपुर निवासी नईम (50) परिवार के ही बीएड के छात्र कामरान (25), फरहान (25), शिकोहाबाद निवासी जाने आलम (50) और फिरोजाबाद के सिरसागंज निवासी हुसैन (21) के साथ कार से बाराबंकी देवा शरीफ दर्शन करने जा रहे थे।
पीछे चल रही दूसरी कार में परिवार की पांच महिलाएं व दो बच्चे थे। गुरुवार सुबह पांच बजे मैनीभावाखेड़ा गांव के पास अचानक नईम की कार का आगे का पहिया पंक्चर हो गया। चालक ने वाहन रोककर सभी को उतारा और टायर बदलने लगा। नईम समेत अन्य पांचों लोगदूसरी दिशा में सड़क की पीली पट्टी के पास जाकर किनारे खड़े हो गए।
इसी दौरान आगरा की ओर से आ रही डीसीएम ने पांचों को रौंद दिया। पुलिस ने यूपीडा कर्मियों की मदद से सभी को सीएचसी पहुंचाया। नईम और कामरान को डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। घायल फरहान, हुसैन व जाने आलम को ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया। जाने आलम की हालत नाजुक है। पीछे से कार से आ रहे परिवार के लोगों ने मृतकों व घायलों के नाम व पते की जानकारी दी।
परिजन रोकर बेहाल
कामरान की मौत की सूचना मिलते ही उसकी मां शबाना बेहाल हो गई। छात्र तीन भाई व बहनों में बड़ा था। बेटे की मौत से परिजनों का रोकर बुरा हाल है। नईम ट्रक रिपेयरिंग का काम करता था। उसकी मौत से पत्नी रेहाना व चार बच्चे बेहाल हैं। पति की मौत के बाद पत्नी को बच्चों की परवरिश की चिंता सता रही है।