कानपुर में परमट स्थित आनंदेश्वर मंदिर के दानपात्र से चोरी के आरोप में जेल भेजे गए महंत रामदास व महंत चेतनगिरी की जमानत अर्जी अपर जिला जज तृतीय डॉ. कपिला राघव ने स्वीकार कर ली है। दोनों को 50-50 हजार की दो जमानतों और निजी मुचलके पर रिहा करने का आदेश दिया है।
वहीं आरोपी तीन कर्मचारियों की अग्रिम जमानत पर सुनवाई अब 11 अगस्त को होगी। अभियोजन की ओर से कहा गया कि आनंदेश्वर मंदिर के पूर्व कर्मचारी हरिओम शास्त्री, मनीष शर्मा, वेद प्रकाश दीक्षित आदि ने 2 जुलाई को मंदिर की गोशाला में जूना अखाड़े के महंतों से गाली-गलौज की और मंदिर छोड़कर न जाने पर जान से मारने की धमकी दी थी।
अगले दिन 3 जुलाई की दोपहर इन लोगों ने 14 दानपात्रों एवं कोठार कक्ष का ताला तोड़कर लाखों रुपये की नगदी, सोना-चांदी आदि लूट लिया था। इस मामले में महंत रामदास व चेतनगिरी के पास से भी लूट की रकम से पांच-पांच हजार रुपये के सिक्के बरामद हुए थे।