कहते हैं बच्चियां 'देवी' का रूप होती हैं, गुरुवार की भोर पहर नवरात्र के शुभारंभ से ठीक पहले दो देवियां कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर लावारिस हालत में मिलीं तो अफरा तफरी मच गई।
ऐसी क्या मजबूरी थी कि नवरात्र पर्व पर माता-पिता अपनी दो कन्याओं को कानपुर में सेंट्रल स्टेशन पर लावारिस छोड़ कर निकल गए। प्लेटफार्म नंबर-3 पर दोनों बच्चियां घंटों स्टील की कुर्सियों पर लेटी रहीं।
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जब आसपास के लोगों को शक हुआ तो सूचना दी गई। इस बीच सेंट्रल स्टेशन में जीआरपी, आरपीएफ व चाइल्ड लाइन को काफी देर बाद सूचना मिली। जानकारी मिलते ही आरपीएफ और जीआरपी जवान मौके पर पहुंचे और बच्चियों के परिजनों की तलाश की।
अभी तक बच्चियों के परिजनों की कोई जानकारी नहीं मिल सकी। जीआरपी के मुताबिक एक बच्ची की उम्र 3 साल और दूसरी की उम्र 2 साल है। दोनों के पास से ऐसा कोई समान नहीं मिला जिससे उनकी पहचान हो सके।
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बच्चियों के हाथ में बिस्कुट के पैकेट थे। दोनों लाल रंग और नीले रंग के कपड़े पहने हुई थीं। फिलहाल जीआरपी ने दोनों बच्चियों को चाइल्डलाइन को सौंप दिया है। बच्चियों के परिजनों की तलाश की जा रही है।