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सड़क को लेकर दो विभाग आमने-सामने: अभियंताओं में जमकर नोकझोंक, मरम्मत को लेकर हुआ विवाद

Sun, 08 May 2022 12:43 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हमीरपुर

सार

बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे निर्माण करा रही कार्यदायी संस्था के द्वारा ओवरलोड वाहनों के माध्यम से मिट्टी व अन्य सामग्री ले जाने के दौरान क्षेत्र की सड़क में खस्ताहाल हो गई है। इसको लेकर बीते दिनों लोक निर्माण विभाग के 6.60 करोड़ का दावा ठोकने पर बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे के अभियंता जागे। 
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बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे के निर्माणाधीन अंडरपास में नोकझोंक करते दोनों विभागों के अभियंता - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हमीरपुर जिले के गहरौली थाना क्षेत्र में बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे के निर्माण कार्य के लिए ओवर लोड वाहनों से मिट्टी सहित अन्य सामग्री ढोने छह सड़कें खस्ताहाल हो गई हैं। आवागमन प्रभावित होने पर बीते दिनों लोक निर्माण विभाग ने मरम्मत को लेकर 6 करोड़ 60 लाख का दावा किया। इसी को लेकर शनिवार को लोक निर्माण विभाग महोबा और यूपीडा एवं बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे के अधिकारियों ने सड़कों का निरीक्षण किया।

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इस मामले में दोनों विभागों के अभियंताओं में जमकर नोकझोंक हुई। उधर कुछ किसानों ने अंडरपास के दोनों साइड एप्रोच मार्ग और बढ़ाए जाने की भी आवाज जोरदार ढंग उठाई। बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे का निर्माण करा रही ईपीसी कंपनी के ठेकेदार श्याम लोखंड और भावेश कुमार, अथॉरिटी इंजीनियर अश्वनी कुमार पचौरी, नरेंद्र कुमार शुक्ला, लोक निर्माण विभाग महोबा के अधिशासी अभियंता रितेश वर्मा और अवर अभियंता मुन्नीलाल ने शनिवार को सुबह 11 बजे गहरौली से खरेला सड़क का निरीक्षण किया।

पुन्निया गांव के पास अंडरपास में बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे निर्माण अथॉरिटी और लोनिवि के अभियंता मांगे गए बजट को लेकर आपस में नोंक-झोंक करते रहे। बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे के अधिकारियों का कहना है कि जहां से मिट्टी निकाली है, वह सिर्फ तीन किलोमीटर दूर है। ऐसे में इतनी ही सड़क क्षतिग्रस्त हुई है। 
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लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता कहते रहे कि शुरुआती दौर में कराए गए कार्य के दौरान गहरौली खरेला सहित करीब छह सड़कें भारी वाहनों की आवाजाही क्षतिग्रस्त हुई हैं। फिलहाल अधिकारी किसी तरह कोई समाधान नहीं निकाल सके। दोनों ही विभागों ने अपनी अपनी रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को सौंपने की बात कही है।

वहीं, गांव निवासी अरविंद अवस्थी ने बताया बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे निर्माण जब चालू हुआ था तभी से भारी वाहनों की आवाजाही के कारण सड़क खराब हो गई थी। इसको लेकर ग्रामीणों ने उसी समय जाम लगाया था, तब जाम खुलवाने एसडीएम चरखारी आए थे और उचित आश्वासन के बाद जाम खुलवा दिया था।
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