पुन्निया गांव के पास अंडरपास में बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे निर्माण अथॉरिटी और लोनिवि के अभियंता मांगे गए बजट को लेकर आपस में नोंक-झोंक करते रहे। बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे के अधिकारियों का कहना है कि जहां से मिट्टी निकाली है, वह सिर्फ तीन किलोमीटर दूर है। ऐसे में इतनी ही सड़क क्षतिग्रस्त हुई है।
लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता कहते रहे कि शुरुआती दौर में कराए गए कार्य के दौरान गहरौली खरेला सहित करीब छह सड़कें भारी वाहनों की आवाजाही क्षतिग्रस्त हुई हैं। फिलहाल अधिकारी किसी तरह कोई समाधान नहीं निकाल सके। दोनों ही विभागों ने अपनी अपनी रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को सौंपने की बात कही है।
वहीं, गांव निवासी अरविंद अवस्थी ने बताया बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे निर्माण जब चालू हुआ था तभी से भारी वाहनों की आवाजाही के कारण सड़क खराब हो गई थी। इसको लेकर ग्रामीणों ने उसी समय जाम लगाया था, तब जाम खुलवाने एसडीएम चरखारी आए थे और उचित आश्वासन के बाद जाम खुलवा दिया था।