कानपुर देहात/रनियां। छुट्टा घूमने वाले मवेशियों को पनाह देने के लिए सरकार की पहल पर गांव स्तर पर गोशालाएं तो बनवा दी गईं, लेकिन यहां व्यवस्थाओं पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इससे ये गोशालाएं मवेशियों के लिए कब्रगाह बन रही हैं।
रनियां की बिलसरायां गोशाला में बुधवार को दो गायों की मौत हो गई। जिन्हें गोशाला के पीछे ही दफना दिया गया, लेकिन गहरा गड्ढा न करने से कुत्तों ने शव बाहर निकाल लिया। इसके बाद दिनभर कुत्ते शव को नोचते रहे।
सड़कों पर घूमने वाले छुट्टा मवेशियों के लिए सरवनखेडा ब्लॉक के बिलसरायां गांव के बाहर अस्थायी गोशाला बनवाई गई है। यहां 300 गोवंशों को रखने की क्षमता है। वर्तमान में यहां 150 गोवंशों को रखा गया था। जिनकी समुचित देखरेख नहीं की जा रही।
वहीं चारे में केवल सूखा भूसा दिया जा रहा। जिससे अधिकांश गोवंश कमजोर हैं। समुचित आहार न मिलने के कारण पिछले कई दिनों से बीमार दो गायों की बुधवार की रात मौत हो गई। मामला न खुले, इसके लिए कर्मचारियों ने दोनों गायों को गुरुवार की भोर पहर में ही गोशाला के पीछे दफना दिया।
लापरवाही करते हुए गड्ढों की गहराई कम रखी गई। इससे कुत्तों ने मृत गायों के शवों को बाहर निकाल लिया और दिनभर नोचते रहे। इन सबके बावजूद जिम्मेदार अफसरों को इसकी भनक तक नहीं लगी। ग्राम पंचायत सचिव अवधेश पटेल ने बताया कि गोशाला में अधिक गोवंश होने के चलते आपस में लड़ते हैं। जिससे वह चुटिहल होकर बीमार पड़ जाते है। बुधवार की रात दो गायों की मौत हुई है।
बिलसरायां गोशाला में दो बीमार गायों की मौत हुई थी। जिनका पोस्टमार्टम किया गया है। गुरुवार को शव दफना दिए गए। - डॉ. तेजेंदर सिंह, पशु चिकित्सक, रनियां
गोशाला में मृत दोनों गायों को गड्ढा कर दफन करा दिया गया था। कुत्तों की ओर से शव निकालकर नोचने की जानकारी नहीं है। मौके पर जेसीबी को भेजकर गहरा गड्ढा कराकर शवों को दोबारा दफन कराया जाएगा।
- अशोक कुमार, बीडीओ सरवनखेड़ा
खुदाई मेें बाहर निकला बोरी में दबाया गया शव
रनियां। बिलसरायां गोशाला में फैली अव्यवस्थाओं के चलते पूर्व मेें भी कई गायों की मौत हो चुकी है। अफसरों ने खामियां सुधारने के बजाय मौतों को छिपाने पर ज्यादा जोर दिया। यह कारगुजारी बुधवार को मृत दो गायों को दफनाने के चलते उजागर हुई।
जहां पर मृत गायों को दफनाया गया था। वहां पर खुदाई के दौरान एक बोरी बाहर निकल आई। जिसमें पूर्व के दौरान मृत गाय का शव भरा था। इसके बावजूद बोरी को दोबारा गड्ढे में दफनाने के बजाय खुला छोड़ दिया गया। जिसे कुत्ते नोचते रहे।
बीमारी से सात गायों की हालत मरणासन्न
रनियां। रनियां क्षेत्र की बिलसरायां गोशाला में रखे गए अधिकांश मवेशियों की हालत खस्ताहाल है। पिछले दिनों हुई बारिश के चलते गोशाला के अधिकांश हिस्से में जलभराव व कीचड़ होने से समस्या और भी बढ़ गई गायों को परिसर में बैठने तक की जगह नहीं मिल पा रही।
ऐसे मेें गोवंश एक दूसरे से लड़कर घायल हो जाते हैं। वहीं हारा चारा न मिलने से मवेशी लगातार कमजोर हो रहे हैं। मौजूदा समय में सात गाय बीमारी के चलते मरणासन्न हालत में हैं। जिन्हेें चारे में सूखा भूसा व थोड़ी हरे चारे की पत्तियां दी जा रही हैं।
वृहद गोशाला में बीमार गायों का इलाज शुरू
रनियां। क्षेत्र के किशरवल गोशाला में मंगलवार को एक बीमार गाय की मौत हो गई थी। जबकि तीन बीमार होने से मरणासन्न हालत में थी। गुरुवार को अमर उजाला में खबर छपने के बाद प्रशासनिक अफसरों में हड़कंप मच गया।
आनन-फानन मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. डीएन लवानियां गोशाला पहुंचे। उनकी मौजूदगी में बीमार तीनों गायों का इलाज किया गया। वहीं बारिश से टपकती टीनशेड की मरम्मत शुरू कराई गई।