कानपुर में वायरल फीवर के साथ वायरल डायरिया का भी प्रकोप बढ़ रहा है। वायरल संक्रमण से बच्चों को निमोनिया भी हो रहा है। रविवार को दो बच्चों की डायरिया से मौत हो गई है। इसके साथ ही हैलट के बालरोग अस्पताल में बेड फुल हो गए हैं।
इमरजेंसी में एक बेड पर दो-तीन बच्चों का इलाज किया जा रहा है। जाजमऊ क्षेत्र के रहने वाले रईस बाबू की ढाई साल की बच्ची खुशबू की डायरिया से मौत हो गई। उसे कई दिन से बुखार आ रहा था। इसके बाद दस्त शुरू हो गए। उसने बताया कि क्षेत्र के एक डॉक्टर के क्लीनिक पर इलाज करा रहे थे।
सुबह पांच बजे बच्ची बेसुध हो गई। डॉक्टर के पास ले गए तो उन्होंने उर्सला ले जाने को कहा। अस्पताल लाते वक्त मौत हो गई। इसी तरह मंधना नानकारी के रहने वाले राजू के डेढ़ साल के बेटे की मौत हो गई। उसे दो दिन से दस्त आ रहे थे। कल्याणपुर के निजी अस्पताल ले आए।
वहां से हैलट ले जाने को कहा लेकिन बच्चे की हालत बिगड़ी और मौत हो गई। बालरोग विभागाध्यक्ष डॉ. यशवंत राव का कहना है कि जो रोगी समय से आ जा रहा है। वह ठीक हो जा रहा है। बच्चे को जैसे ही दस्त शुरू हों, उसे अस्पताल ले आएं।