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पल्हनापुर गांव में मिट्टी का टीला धंसने से दो दबे, एक की मौत, युवक घायल

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पल्हनापुर गांव में मिट्टी का टीला धंसने के बाद मौजूद ग्रामीण। (संवाद) - फोटो : AKBARPUR
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संदलपुर (कानपुर देहात)। पल्हनापुर गांव में रविवार सुबह मिट्टी खोदने गए दो लोग टीला धंसने से दब गए। ग्रामीणों ने उन्हें मलबे से निकालकर सीएचसी हवासपुर में भर्ती कराया। जहां से एक को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। रास्ते में उसकी मौत हो गई। जबकि दूसरे को उपचार के बाद हालत में सुधार होने पर घर भेज दिया गया।
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मंगलपुर थाना क्षेत्र के पल्हनापुर गांव निवासी रामस्वरूप (55) अपने पड़ोसी अर्जुन शर्मा (28) व कैलाश पाल (23) के साथ गांव से पांच सौ मीटर दूर मुरादपुर मार्ग किनारे टीले से घर की लिपाई-पुताई के लिए मिट्टी लेने गया था। तीनों अलग-अलग मिट्टी की खुदाई कर रहे थे। तभी टीला अचानक धंस गया। इससे रामस्वरूप व अर्जुन मलबे में दब गए।
कैलाश पाल ने गांव जाकर सूचना ग्रामीणों को दी। ग्रामीणों ने मिट्टी हटाकर दोनों को बाहर निकाला और सीएचसी हवासपुर ले गए। यहां डाक्टर सीपी कुशवाहा ने अर्जुन का इलाज कर घर भेज दिया, जबकि रामस्वरूप की हालत गंभीर होने पर जिला अस्पताल अकबरपुर के लिए रेफर कर दिया।
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रास्ते में रामस्वरूप की मौत हो गई। थाना प्रभारी चंद्रदेव यादव ने बताया कि मृतक के भाई धनीराम की सूचना पर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। एसडीएम सिकंदरा रमेश चंद्र ने बताया कि मृतक परिवार को शासन से मिलने वाली आर्थिक सहायता के लिए डीएम को रिपोर्ट भेजी जाएगी।
मौत के बाद घर में लटक गया ताला
पल्हनापुर गांव निवासी रामस्वरूप की मौत होने के बाद अब उसके घर में दीपक जलाने वाला कोई नहीं बचा है। रामस्वरूप की पत्नी सियादुलारी की करीब 28 साल पहले बीमारी से मौत हो गई थी। उसका इकलौता बेटा राजकुमार चाचा हृदेश की हत्या के आरोप में जिला कारागार कानपुर में आजीवन कारावास की सजा काट रहा है। ऐसे में घर पर ताला लटक रहा है।
पहले भी हो चुके हादसे
मुरादपुर मार्ग के किनारे स्थित टीले से मिट्टी खुदाई के चलते कई हादसे पूर्व में हुए हैं। जिसमें पल्हानापुर गांव निवासी लज्जावती, प्रेमा देवी, कैलाश, रामआसरे घायल हो चुके हैं। इसके बावजूद गांव के लोग सबक नहीं ले रहे और मिट्टी खुदाई के लिए पहुंच जाते हैं। जिससे आए दिन हादसा होता है।
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