पुलिस से शिकायत करने के बाद कंपनी के अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं की गई। न्यायालय के आदेश पर 30 जून को कंपनी के छह लोगों पर कोतवाली चरखारी में मुकदमा दर्ज किया गया था। आरोप लगाया कि मामले की विवेचना कर रहे एसआई श्यामदेव कंपनी के अधिकारियों से मिलकर पिता पर राजीनामा करने का दबाव बना रहे थे। राजीनामा न करने पर जेल में डाल देने की धमकी दी जा रही थी। पिता से सादा स्टांप पेपर पर हस्ताक्षर बनवाए गए और बाद में स्टांप टाइप्ड कराकर फोटोकॉपी पिता को दी गई।
इसे पढ़कर पिता भयभी हो गए और परिजनों को पूरा मामला बताया। सोमवार की शाम दरोगा का दोबारा फोन आने पर नहीं उठाया और पुलिस प्रताड़ना से परेशान होकर फांसी लगा ली। दोषियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर परिजनों ने हाईवे पर शव रखकर जाम लगाया। आधा घंटे पर जाम लगने की सूचना पर पहुंचे सीओ रामप्रवेश राय व कोतवाली प्रभारी बलराम सिंह ने कार्रवाई का भरोसा देकर जाम खुलवाया और शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
इन पर दर्ज हुआ मुकदमा
मृतक के पुत्र अनिल कुमार की तहरीर पर कोतवाली महोबा में एएसडीएस इंफ्रा लि. कंपनी के डायरेक्टर सोहनलाल, कुबेर सिंह, धर्मेंद्र सिंह, जागेश्वर, सुनीता सिंह, मुमताज अहमद व कोतवाली चरखारी के एसआई श्यामदेव सिंह के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया गया है।
वृद्ध के आत्महत्या मामले की जांच सीओ सिटी को सौंपी गई है। जांच आख्या उपलब्ध कराने को कहा गया है। पुलिस कर्मचारी पर लगे आरोप की भी जांच कराई जा रही है। तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया है। -आरके गौतम, अपर पुलिस अधीक्षक