कानपुर के फजलगंज में तिहरे हत्याकांड को अंजाम देने वाले दोनों आरोपियों ने पुलिस की पूछताछ में बड़ा खुलासा किया। आरोपियों को उम्मीद थी कि प्रेम किशोर के घर पर चार से पांच लाख रुपये की नकदी रखी होगी। इसके अलावा जेवरात मिलेंगे। इसलिए आरोपियों ने प्रेम किशोर को निशाना बनाया। परिचित थे इसलिए पकड़े जाने का डर था। इसलिए परिवार को मौत के घाट उतार दिया। पुलिस ने मंगलवार को आरोपियों को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। फजलगंज के उचवां में शुक्रवार रात परचून दुकानदार प्रेम किशोर उनकी पत्नी ललिता और 12 वर्षीय बेटे नैतिक की हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने सोमवार को खुलासा कर दावा किया कि प्रेम के इटावा निवासी दोस्त गौरव शुक्ला ने अपने साथी हिमांशु चौहान के साथ मिलकर लूट के लिए वारदात को अंजाम दिया था।
कानपुर: पति पत्नी और बेटे की बेरहमी से हुई थी हत्या
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आरोपी सिर्फ पांच हजार रुपये की नकदी लूट सके थे। गौरव न पूछताछ में बताया कि करीब बीस दिन पहले वह प्रेम से मिलने आया था। इस दौरान प्रेम ने बताया था कि बिधनू में उसने घर बनवाया है। नवरात्र में वहां शिफ्ट होगा।
कानपुर में तिहरा हत्याकांड
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अभी भी चार पांच लाख रुपये और लगेंगे। ये सुनकर गौरव ने उनसे पूछा था कि इतने पैसे कहां से आएंगे तो प्रेम कहा था कि इस इंतजाम हो गया है। पैसा है बस जल्दी से जल्दी मकान बनवाना है।
कानपुर में तिहरा हत्याकांड
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इसी दौरान गौरव ने प्रेम के घर लूट करने का इरादा बना लिया था। उसको उम्मीद थी कि प्रेम के घर से उसको इतनी रकम मिल जाएगी लेकिन जब वारदात को अंजाम दिया तो महज पांच हजार रुपये मिले।
रोते बिलखते परिजन
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नहीं मिल रहा था काम, तब लूट को दिया अंजाम
लॉकडाउन में गौरव और हिमांशु की नौकरी जाने के बाद वह पैसों के लिए तरसने लगे। पुलिस के मुताबिक दोनों कई बार कानपुर आए। एक पान मसाला व एक अन्य मसाला फैक्टरी में दोनों ने काम के लिए बात की। मगर वहां पर भी उनको काम नहीं मिला। तब गौरव ने ठान लिया था कि अब कुछ न कुछ करना होगा, जिससे अधिक पैसा आए। लूट की साजिश पर हिमांशु ने हामी भरी और दोनों ने मिलकर अंजाम दिया।